हीटवेव का असर खत्म: देशव्यापी वर्षा और धूल भरी आंधी से बदला मौसम का मिजाज, जानिए अपने राज्य का हाल

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि देश के अधिकांश हिस्सों में रविवार को हुई व्यापक वर्षा और बादलों की आवाजाही के कारण भीषण गर्मी और हीटवेव का प्रकोप पूरी तरह थम गया है। विभिन्न राज्यों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हुई बौछारों ने वायुमंडल के तापमान को काफी नीचे ला दिया है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से जहां आम जनता को चिलचिलाती धूप से मुक्ति मिली है, वहीं कुछ स्थानों पर अंधड़ और जलभराव के कारण प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में रविवार की शाम एक बार फिर जैसलमेर के क्षितिज पर रेतीले तूफान की विशाल चादर फैल गई, जिससे दिन में ही रात्रि जैसा नजारा बन गया। इस चक्रवाती बवंडर का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धूल का गुबार आसमान को ढकता हुआ बढ़ता दिख रहा है। इससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। शनिवार को भी हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर और सीकर में लगभग 200 वर्ग किलोमीटर के दायरे में 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ऐसा ही अंधड़ चला था। प्रदेश के फलौदी में अधिकतम तापमान 42.6°C मापा गया। सोमवार सुबह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की सक्रियता से सवाई माधोपुर में वर्षा हुई, जबकि जयपुर व दौसा में घटाएं छाई रहीं। विभाग ने सोमवार को राज्य के 20 जिलों में यलो अलर्ट जारी करते हुए आगामी 4 जून तक मौसम के ऐसा ही रहने की बात कही है।
गंगा के मैदानी इलाकों और हिमालयी क्षेत्रों में भी मौसम के विविध रूप देखने को मिले। उत्तर प्रदेश के बलिया में 34.4 मिमी और मुरादाबाद में 21.8 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में भी 2.4 मिमी पानी गिरने से अधिकतम तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री लुढ़ककर 36.3°C पर सिमट गया। वहीं उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते केदारनाथ धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसी बीच, चंपावत के प्रसिद्ध श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे के सालाना जोड़ मेले में आए 50 से अधिक जायरीन उफनती नदी के बीच फंस गए, जिन्हें राहत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किया। रुद्रप्रयाग और चमोली के 3800 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की स्थितियां बनी हुई हैं।
मैदानी राज्यों पंजाब और हरियाणा में बारिश के चलते पारा औसतन 7 डिग्री से अधिक नीचे चला गया है। पंजाब-चंडीगढ़ में तीन दिनों की लगातार बारिश से तापमान सामान्य से 7.6°C कम दर्ज किया गया, जिससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है और 10 जिलों में यलो अलर्ट लागू है। हरियाणा में भी रविवार को पारा सामान्य से 7.4°C कम रहा, जहां सिरसा 37°C के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। हालांकि, आने वाले दिनों में यहां तापमान में 6°C से 8°C की बढ़ोतरी भी संभावित है। बिहार के छह जिलों में आज आंधी-पानी का अलर्ट है, जबकि शेष जिलों में शुष्क मौसम के चलते पारा 2°C से 3°C चढ़ सकता है। मध्य प्रदेश में जून के प्रथम चार दिनों तक ओले गिरने और आंधी का दौर चलेगा, जिसके लिए धार एवं खरगोन में रेड अलर्ट की घोषणा की गई है।
आगामी मानसून सत्र को लेकर मौसम विभाग ने विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है, जिसके अनुसार केरल के तट पर मानसून आगामी 4 जून तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस वर्ष मानसूनी हवाओं के कुछ शिथिल रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते जून से सितंबर के दौरान देश की कुल औसत वर्षा सामान्य (87 सेंटीमीटर) के मुकाबले घटकर मात्र 78 सेंटीमीटर रहने का अनुमान लगाया गया है। इस कम बारिश का सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव उन ग्रामीण अंचलों पर पड़ सकता है जो पूरी तरह से सिंचाई के लिए वर्षा जल पर निर्भर हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में यद्यपि परिस्थितियां सामान्य रह सकती हैं, परंतु मध्य प्रदेश में मानसून अपने निर्धारित समय से 5 से 7 दिन विलंब से यानी 20 से 22 जून के आसपास दाखिल होगा और वहां जून में औसत से कम वर्षा दर्ज की जाएगी।



