सशस्त्र बलों में शीर्ष स्तर पर नियुक्तियां: वाइस एडमिरल मैकार्थी, एयर मार्शल चौधरी और मेजर जनरल थॉमस ने ग्रहण किए नए पद

भारत की तीनों सेनाओं में सोमवार, 1 जून 2026 को व्यापक फेरबदल के तहत तीन बड़े अधिकारियों ने नए पदों का कार्यभार संभाल लिया। वाइस एडमिरल विनीत मैकार्थी को अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) का 20वां कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है, जबकि वायु सेना में एयर मार्शल तरुण चौधरी ने सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार लिया है। वहीं चिकित्सा क्षेत्र में, मेजर जनरल राहेल थॉमस ने सैन्य नर्सिंग सेवा के अपर महानिदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल ली है।
वाइस एडमिरल विनीत मैकार्थी ने श्री विजयपुरम में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में अंडमान और निकोबार कमान के नए प्रमुख के रूप में कमान संभाली। तोपखाने और मिसाइल विधा के विशेषज्ञ वाइस एडमिरल मैकार्थी ने 1 जुलाई 1989 को भारतीय नौसेना में अपने करियर की शुरुआत की थी। त्रि-सेवा कमान, स्टाफ, प्रशिक्षण और परिचालन मामलों में उनका अनुभव 36 वर्षों से भी अधिक का है।
वे अपने सेवाकाल में आईएनएस खंजर, आईएनएस अजय और आईएनएस शिवालिक की कमान संभाल चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण कमांडर, पूर्वी कमान मुख्यालय में कमांड प्लान्स ऑफिसर और नौसेना मुख्यालय में कमोडोर नौसेना योजनाएं जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फ्लैग रैंक पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने सहायक नौसेना प्रमुख (स्टाफ आवश्यकताएं), पश्चिमी बेड़े के कमांडर और कार्मिक सेवा नियंत्रक के रूप में भी काम किया।
नया कार्यभार संभालने के उपरांत वाइस एडमिरल मैकार्थी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा, “देश के समुद्री हितों की रक्षा करने तथा हिंद महासागर क्षेत्र के भीतर शांति और सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने में अंडमान और निकोबार कमान की रणनीतिक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।” उन्होंने सैन्य परिचालन की तैयारियों को बढ़ाने, तीनों अंगों के बीच संयुक्तता को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा के एक मुख्य आधार के रूप में कमान की भूमिका को सशक्त करने का संकल्प जताया।
वायु सेना के मोर्चे पर, एयर मार्शल तरुण चौधरी ने सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में अपना नया दायित्व संभाल लिया है। दिसंबर 1989 में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में वायु सेना में शामिल हुए एयर मार्शल चौधरी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। वे स्वीडन में भारतीय दूतावास में रक्षा अताशे के रूप में राजनयिक जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं, जहां उनके पास फिनलैंड, डेनमार्क और नॉर्वे का भी जिम्मा था। उन्होंने वायु सेना के आधुनिकीकरण और नई तकनीकों को शामिल करने की कई परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।
एयर मार्शल चौधरी ने एयर मार्शल बालकृष्णन मणिकांतन की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद संभाला है, जो 40 वर्षों की शानदार सेवा के बाद 31 मई 2026 को रिटायर हुए हैं। इससे पहले चौधरी दक्षिणी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी के पद पर तैनात थे।
सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में, मेजर जनरल राहेल थॉमस ने सैन्य नर्सिंग सेवा की अपर महानिदेशक के रूप में अपना नया कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी का स्थान लिया है, जो करीब चार दशकों की सेवा पूरी करने के बाद 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो गईं।
मेजर जनरल राहेल थॉमस सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी), पुणे की नर्सिंग कॉलेज की पूर्व छात्रा हैं और 1 जून 1988 को सैन्य नर्सिंग सेवा में नियुक्त हुई थीं। अपने लंबे करियर में उन्होंने उत्तरी और पूर्वी कमान के अग्रिम मोर्चों पर स्थित अस्पतालों सहित सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के कई बड़े अस्पतालों में प्रशासनिक और क्लिनिकल मोर्चों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
रक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों में उच्च स्तरीय और अनुभवी नेतृत्व को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दशकों के जमीनी और प्रशासनिक अनुभव से लैस ये तीनों अधिकारी आने वाले समय में अपने-अपने विभागों की कार्यकुशलता, परिचालन क्षमता और संस्थागत प्रगति को और आगे ले जाएंगे।



