खरीफ फसलों पर अल नीनो का असर रोकने के लिए केंद्र सक्रिय, कृषि मंत्री ने दिए समय रहते पुख्ता तैयारी के निर्देश

संभावित अल नीनो परिस्थितियों के मद्देनजर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्चस्तरीय बैठक में देश की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने देश के अन्नदाताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, परंतु पूर्व-तैयारी के तौर पर सतर्क रहना अनिवार्य है। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की भलाई और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और खरीफ की खेती को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कम वर्षा की संभावना वाले क्षेत्रों को लेकर केंद्रीय मंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका है, वहाँ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन तुरंत सक्रिय हो। इसके लिए जरूरत पड़ने पर दोबारा बुवाई, वैकल्पिक फसल चक्र, कम अवधि में पकने वाले बीजों का उपयोग और संकटकालीन सिंचाई जैसे विकल्पों को तैयार रखा जाए और इनसे जुड़ी जानकारियां किसानों तक तुरंत पहुंचाई जाएं।

मौसमी बदलावों से निपटने की रणनीति साझा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस समय बीजों के पर्याप्त स्टॉक, मिट्टी की नमी के संरक्षण, जल संसाधनों के उचित इस्तेमाल और वैकल्पिक कृषि योजनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है। सरकार को पूरा भरोसा है कि इन अग्रिम तैयारियों के चलते किसानों पर मौसम की मार को न्यूनतम किया जा सकेगा।

जलाशयों की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस समय देश के बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य से अच्छा है, जो खरीफ की बुवाई और सिंचाई के लिए एक बड़ी राहत की बात है। उपलब्ध जल के उचित और न्यायसंगत वितरण के लिए केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संपर्क बना हुआ है।

फसलों की सुरक्षा का जिक्र करते हुए बैठक में कीट और रोग प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव और बारिश की कमी के कारण फसलों में कीड़े या बीमारियां लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा इनकी अग्रिम निगरानी की जाए और बचाव के उपाय तैयार कर राज्यों के माध्यम से किसानों तक समय रहते पहुंचाए जाएं।

सूचनाओं के त्वरित प्रसार के लिए डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कहते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को मोबाइल एडवाइजरी के माध्यम से सीधे जोड़ा जाए। सरकार के पास उपलब्ध डेटा और तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करके मौसम की चेतावनियां और कृषि परामर्श सीधे किसानों के फोन पर भेजे जाएं। इसके लिए कॉल सेंटरों और स्थानीय अधिकारियों के नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

तैयारियों की निगरानी के संबंध में कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य की व्यवस्था पर नजर रखेगी। जिन राज्यों ने बेहतर प्रबंधन किया है, उनके तौर-तरीकों को अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों को अतिरिक्त वित्तीय या तकनीकी सहायता की जरूरत होगी, केंद्र सरकार वहाँ तुरंत हस्तक्षेप कर मदद मुहैया कराएगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कृषि, मौसम, जल संसाधन और ग्रामीण विकास जैसे तमाम विभागों के बीच आपसी तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अलग-अलग खानों में काम करने के बजाय एक संयुक्त कार्ययोजना और साझा आंकड़ों के साथ काम करना होगा, ताकि ब्लॉक और जिला स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके।

संवाद के समापन पर उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय किसानों के आत्मविश्वास को बनाए रखना और कृषि क्षेत्र की निरंतरता को सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों की समय पर उपलब्धता और सभी विभागों के आपसी समन्वय से अल नीनो के किसी भी संभावित प्रभाव को पूरी तरह बेअसर किया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button