सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या हुई 37, सीजेआई सूर्यकांत ने 5 नए न्यायाधीशों को पदभार सौंपा

राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को आयोजित एक आधिकारिक समारोह में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देश की सर्वोच्च अदालत के पांच नवनियुक्त जजों को उनके पद की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण समारोह के संपन्न होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में कार्यबल की संख्या बढ़कर 37 के आंकड़े तक पहुंच गई है। यह नियुक्तियां न्यायपालिका में बढ़ते कार्यभार और लंबे समय से रिक्त पड़े पदों की समस्या को सुलझाने के उद्देश्य से की गई हैं।

इस घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर पोस्ट किया कि राष्ट्रपति ने मुख्य न्यायाधीश के साथ गहन परामर्श के बाद इन पांचों नामों पर अपनी मुहर लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से दी गई अनुशंसाओं के अनुरूप ही पूरी की गई है।

शीर्ष अदालत का हिस्सा बनने वाले नए जजों में अलग-अलग राज्यों के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम शामिल है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से मई 2011 में न्यायिक सफर शुरू करने वाले जस्टिस शील नागू को सुप्रीम कोर्ट भेजा गया है, जो जुलाई 2024 से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर कार्यरत थे। इनके अतिरिक्त बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर को भी पदोन्नत किया गया है, जिन्होंने जनवरी 2013 में झारखंड हाईकोर्ट से शुरुआत की थी और जनवरी 2025 में मुंबई के मुख्य न्यायाधीश बने थे।

इस सूची में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा भी शामिल हैं, जिन्होंने अप्रैल 2013 में दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश और मार्च 2015 में नियमित जज के रूप में कार्य किया था, और बाद में जुलाई 2025 में एमपी हाईकोर्ट की कमान संभाली थी। वहीं, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली को भी शीर्ष अदालत में जगह मिली है, जो दिसंबर 2013 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जज बने थे और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए थे।

बार काउंसिल से सीधे बेंच में शामिल होने वाली वरिष्ठ वकील वी. मोहना भी इस नई टीम का हिस्सा हैं। सर्वोच्च न्यायालय में एक लंबे समय तक प्रैक्टिस करने वाली वी. मोहना को देश के संवैधानिक ढांचे, दीवानी मामलों और सर्विस लॉ से जुड़े जटिल कानूनी विवादों को सुलझाने में महारत हासिल है।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की कमी को दूर करने की कवायद के तहत कॉलेजियम ने पिछले महीने 22 और 27 मई को बैठकें करके सरकार को इन नामों का सुझाव दिया था। केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को इस सूची को स्वीकृत किया, जिसके बाद मंगलवार को इन सभी ने औपचारिक रूप से देश की सबसे बड़ी अदालत में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया।

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