तीव्र गति से आगे बढ़ रहा मानसून: 4 दिनों में 7 राज्यों को किया कवर, उत्तर और मध्य भारत में आंधी-बारिश के बीच हीटवेव का अलर्ट

निर्धारित समय से तीन दिन की देरी से आने के बाद देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तीव्र रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 4 दिनों के भीतर देश के 7 राज्यों को कवर करते हुए रविवार को यह त्रिपुरा, नगालैंड, असम और अरुणाचल प्रदेश में भी दाखिल हो गया। इससे पूर्व, शनिवार को मानसून ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के दक्षिणी कोंकण, मिजोरम और मणिपुर में प्रवेश किया था, जबकि शुक्रवार को यह कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा पहुंचा था। केरलम में इसकी शुरुआत 4 जून को हुई थी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कोंकण क्षेत्र में मौजूदगी के कारण महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी में 9 जून तक भारी बारिश की संभावना है, यद्यपि राज्य के अन्य हिस्सों में अगले सप्ताह वर्षा का पैटर्न थोड़ा कमजोर रहेगा। देश के परिदृश्य को देखें तो वर्तमान में गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्य प्री-मानसून वर्षा की जद में हैं। बीते शनिवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में आंधी के साथ तेज पानी गिरा। राजस्थान के बीकानेर में वर्षा के साथ ओले गिरे, जबकि मध्य प्रदेश के भोपाल सहित 4 जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

आगामी दिनों का मौसम और मानसूनी चाल: मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 दिनों में मानसून के पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में पहुंचने की अनुकूल परिस्थितियां हैं। इसके बाद अगले 10 दिनों में इसके ओडिशा, झारखंड और बिहार पहुंचने का अनुमान है। दूसरी ओर, स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ जीपी शर्मा के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत मौसमी प्रणाली के सक्रिय न होने से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसूनी प्रगति की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ सकती है।

8 और 9 जून का देशव्यापी अलर्ट:

  • सोमवार (8 जून): केरलम, कर्नाटक और तमिलनाडु के क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल सहित सिक्किम में तेज आंधी के साथ बारिश होगी। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज धूलभरी हवाएं चलने की आशंका है।

  • मंगलवार (9 जून): दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप और लक्षद्वीप में वर्षा जारी रहेगी। राजस्थान में हवा की गति 30-50 किमी प्रति घंटे रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, विदर्भ, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और झारखंड में अंधड़ के साथ वर्षा का सिलसिला बना रहेगा।

तापमान और लू की स्थिति: एक तरफ जहां प्री-मानसून गतिविधियों ने कई राज्यों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं ओडिशा और आंध्र प्रदेश में अभी भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ के साथ लू का प्रभाव बना हुआ है। ओडिशा के कुछ हिस्सों में रात के समय भी गर्म हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है। देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को पारा 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जिसके रविवार को बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा के चलते गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। चेन्नई में भी लगातार पांच दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है।

प्रादेशिक मौसम का मुख्य विवरण:

  • मध्य प्रदेश: आगामी 4 दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी और वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून 20 जून से पहले ही राज्य में प्रवेश कर सकता है, हालांकि 9 और 10 जून को उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे जिलों में लू की स्थिति बने रहने की आशंका है।

  • उत्तर प्रदेश: राज्य के सभी 75 जिलों में रविवार को मौसम पूरी तरह साफ रहा, जिससे पिछले दो सप्ताह से चल रहा आंधी-बारिश का दौर फिलहाल थम गया है। अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और 9 जून से लू का नया दौर शुरू होगा। यूपी में इस बार मानसून 4 से 6 दिन की देरी से 24 जून तक पहुंचने की संभावना है।

  • राजस्थान: रविवार को राज्य के 12 जिलों के लिए आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया। इससे पहले शनिवार को टोंक में 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 8 जून को 7 जिलों में बारिश और पश्चिमी राजस्थान के 2 जिलों में अत्यधिक गर्मी बढ़ने की चेतावनी दी है।

  • बिहार: रोहतास के डेहरी में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 9 जून तक राज्य के 27 जिलों के लिए आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हाल ही में राज्य में वज्रपात के कारण 4 लोगों की मृत्यु हुई है।

  • छत्तीसगढ़: राज्य में अगले 5 दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है, जिस दौरान हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे रह सकती है। मानसून के अगले 4 से 5 दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दस्तक देने की उम्मीद है।

  • झारखंड: साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण रांची समेत राज्य के 20 जिलों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बादल छाए रहने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।

  • पंजाब: राज्य के 20 जिलों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और वहां कोई विशेष चेतावनी नहीं है। हालांकि, 3 जिलों में बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 8 जून से 11 जून 2026 तक कुछ स्थानों पर लू चलने की आशंका व्यक्त करते हुए 12 जून तक हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है।

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