ऐतिहासिक कीर्तिमान: लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के राजनैतिक इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री उन्होंने पद पर 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं, जो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल से अधिक है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के मुखिया के रूप में उनके कार्यकाल के 12 वर्ष भी पूरे हो गए हैं। ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू वर्ष 1947 से 1952 तक देश की अंतरिम सरकार के प्रमुख थे, इसलिए उनके निर्वाचित कार्यकाल की गणना वर्ष 1952 में हुए देश के पहले आम चुनाव के बाद से की जाती है।
यदि कार्यकाल के कुल वर्षों की बात की जाए तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी 14 साल से भी ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहीं, लेकिन उनका वह कार्यकाल दो अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ था। ऐसे में, लगातार निर्वाचित होकर देश का नेतृत्व करने के मामले में पीएम मोदी अब शीर्ष पर आ गए हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में देश की कमान संभालने के बाद वर्ष 2019 और फिर वर्ष 2024 के आम चुनावों में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जनसमर्थन प्राप्त कर यह मुकाम हासिल किया है।
इस 12 वर्षीय कार्यकाल के दौरान शासन व्यवस्था ने बुनियादी ढांचे के विकास और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत देखी है। इनमें नए संसद भवन का निर्माण, सेंट्रल विस्टा का कायाकल्प, कर्तव्य पथ का विकास, वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, आईएनएस विक्रांत, कश्मीर रेल लिंक परियोजना, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत आरआरटीएस और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर और केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा बुधवार को राजधानी दिल्ली में एक वृहद् बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव का जश्न मनाया जाएगा।
प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने वाली इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेतागण, एनडीए गठबंधन की सहयोगी पार्टियों के शीर्ष पदाधिकारी तथा एनडीए शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य और एनडीए के प्रमुख रणनीतिकार भी शिरकत करेंगे, जिनमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
एनडीए सरकार की इस वर्षगांठ बैठक का मुख्य उद्देश्य गठबंधन की बीते 12 वर्षों की विकास यात्रा और उसकी वैधानिक उपलब्धियों की समीक्षा करना है। इस दौरान भविष्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और आगामी राजनीतिक रणनीतियों का खाका तैयार किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से सुशासन के कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आने वाले समय की चुनावी चुनौतियों से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।



