नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक: प्रधानमंत्री ने राज्यों से युवाओं को भविष्य के अवसरों के लिए सक्षम बनाने और महिला विकास पर ध्यान देने को कहा

गुरुवार को नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से देश के जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में तब्दील करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्ष से कम उम्र के लगभग 70 करोड़ युवाओं के साथ भारत एक बेहद समृद्ध युवा शक्ति वाला देश है, जो हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने इस बात की आवश्यकता पर बल दिया कि राज्य सरकारें शिक्षा, क्षमता निर्माण और कौशल विकास के क्षेत्रों में प्रभावी कदम उठाएं, जिससे युवा वर्ग आने वाले समय की सभी संभावनाओं और चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के योग्य बन सके।
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते कदमों का हवाला देते हुए हाल ही में कई देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों का विवरण साझा किया। उन्होंने राज्य सरकारों को प्रेरित किया कि वे इन समझौतों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा युवाओं के लिए प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त करें। पीएम मोदी ने संबंधित पक्षों को इन समझौतों से मिलने वाले लाभों का अधिकतम उपयोग करने के लिए तैयार करने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए राज्यों को सहयोगी देशों के साथ मिलकर सक्रियता से काम करने की सलाह दी।
दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी और अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक प्रगति की कहानी दुनिया को प्रेरित कर रही है। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को और मजबूत करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे उत्कृष्ट मॉडलों को देश में लागू करने, खासकर नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और पद्धतियों को तेजी से अपनाने पर बल दिया।
स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम मोदी ने राज्यों को ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) कार्यक्रम को प्राथमिकता देने तथा इसके माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने वाली रणनीतियां विकसित करने के निर्देश दिए। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग (रक्षा विनिर्माण) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा उभरता हुआ सेक्टर है, जिसमें भारत लगातार अपनी मजबूत और अलग पहचान स्थापित कर रहा है।
बैठक के समापन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व में विकास की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों से ‘लखपति दीदी’ के मौजूदा लक्ष्य को 3 करोड़ से दोगुना कर 6 करोड़ तक ले जाने के लिए ठोस प्रयास करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके संवर्धन के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करने की प्रतिबद्धता को बेहद जरूरी बताया।



