कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत कल से, बीजिंग में भारतीय राजदूत ने तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

भारत और चीन के सहयोग से आयोजित होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का पहला जत्था 20 जून को देश से रवाना होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश के माध्यम से पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उनके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। बीजिंग में स्थित भारतीय दूतावास ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि चाहे श्रद्धालु विदेश मंत्रालय के माध्यम से जा रहे हों या निजी स्तर पर, दूतावास की पूरी टीम उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है।

यात्रा को सुगम और बाधारहित बनाने के उद्देश्य से भारतीय राजदूत के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल ने पिछले दिनों उत्तराखंड और सिक्किम से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र को जोड़ने वाले पारंपरिक रास्तों का जमीनी निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण दल ने विशेष रूप से लिपुलेख और नाथू ला दर्रों पर मौजूद सुविधाओं और तैयारियों का आकलन किया। दूतावास के अनुसार, तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए मार्ग से जुड़ी तस्वीरें और जरूरी हिदायतें निरंतर अंतराल पर जारी की जाती रहेंगी ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

राजदूत ने अपने वीडियो संदेश में यात्रियों को सीमा पार की प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नाथू ला दर्रे पर चीनी इमिग्रेशन और कस्टम विभाग के अधिकारी यात्रियों के स्वागत और आव्रजन (इमिग्रेशन) औपचारिकताएं पूरी करने के लिए मौजूद रहेंगे। इसके उपरांत श्रद्धालुओं को बसों के माध्यम से याडोंग काउंटी के लिए रवाना किया जाएगा। वीडियो में यात्रा की अवधि, भोजन की उपलब्धता और स्थानीय मुद्रा के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है, और आने वाले दिनों में ऐसे कई और वीडियो जारी करने की योजना है।

इस वार्षिक यात्रा की प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए राजदूत ने हाल ही में तिब्बत की राजधानी ल्हासा का भी रुख किया था। ल्हासा पहुंचने पर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के विदेश मामलों के कार्यालय के उप महानिदेशक यांग लाहोंग ने उनका औपचारिक स्वागत किया। अपनी इस यात्रा के दौरान राजदूत दोरईस्वामी ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के उपाध्यक्ष झाओ पेंग के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें चीनी पक्ष ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए किए गए विशेष प्रबंधों की जानकारी साझा की। ज्ञात हो कि इस वर्ष की यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 13 जून को ही हो गया था, जब नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू भवन में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने तीर्थयात्रियों के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी।

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