चक्रवातीय तंत्र से मानसून को मिलेगी गति, छत्तीसगढ़ में 23 जून को प्रवेश संभव; बिहार-झारखंड में वज्रपात से 14 हताहत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, पिछले 12 दिनों से तेलंगाना में अटका दक्षिण-पश्चिम मानसून अब आगे बढ़ने की ओर अग्रसर है। अनुकूल मौसमी दशाएं विकसित होने से 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के वायुमंडल में मानसूनी परिसंचरण प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसके प्रभाव से मध्य भारत के ऊपर एक चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। यह मौसमी तंत्र मानसूनी बादलों को उत्तर भारत की दिशा में बढ़ने में मदद करेगा। ज्ञात हो कि मानसून ने अपने शुरुआती पखवाड़े में देश के 19 राज्यों को कवर कर लिया था, परंतु 8 जून से इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी।
प्राकृतिक आपदा एवं राज्यों में चेतावनी बदलते मौसम के बीच शुक्रवार को बिहार में बिजली गिरने से 6 और झारखंड में 8 नागरिकों की जान चली गई। इसके साथ ही, राजस्थान के 12 जिलों में तीव्र आंधी और वर्षा को लेकर मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में मौसमी उतार-चढ़ाव वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 23 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी आने की संभावना है। इसी प्रकार की स्थिति विदर्भ (महाराष्ट्र) और छत्तीसगढ़ में भी 19 से 23 जून के मध्य बनी रहेगी, जहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। सुदूर दक्षिण में तमिलनाडु और पुडुचेरी में 19 से 21 जून तक तथा केरल में 19 से 23 जून के बीच भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल के कोलकाता, सिलिगुड़ी और दार्जिलिंग में शनिवार को भारी बारिश देखी गई। इस मूसलाधार बारिश के चलते दार्जिलिंग की बालासन नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया, जिससे उस पर बना ह्यूम पाइप का अस्थायी पुल टूटकर बह गया।
भीषण गर्मी की चपेट में देश के आठ राज्य देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में ग्रीष्म लहर का प्रभाव अभी भी कायम है। बुधवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के अनेक शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश का बांदा नगर 44.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सर्वाधिक गर्म क्षेत्र रहा। इसके अतिरिक्त, प्रयागराज में 43.6 डिग्री, खजुराहो में 42.4 डिग्री, ब्रह्मपुरी में 42.1 डिग्री, राजनांदगांव में 42 डिग्री, छपरा में 41.8 डिग्री और डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस अंकित किया गया।
आगामी दो दिनों के मौसम की रूपरेखा
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21 जून का परिदृश्य: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में वर्षा के आसार हैं। बिहार के कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 70 किमी/घंटा तक जा सकती है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 40-60 किमी/घंटा की हवाओं के साथ अंधड़ की स्थिति रहेगी।
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22 जून का परिदृश्य: पूर्वोत्तर के सिक्किम, असम, मेघालय और उत्तर बंगाल में भारी वर्षा की चेतावनी है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में 40 से 60 किमी/घंटा की आंधी के साथ पानी बरसने की संभावना है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मौसमी विक्षोभ के साथ वर्षा होगी, जबकि महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों में बारिश का क्रम जारी रहेगा।
राज्यों की विस्तृत स्थिति
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मध्य प्रदेश: राज्य में इस वर्ष मुख्य मानसून के आगमन में 8 से 10 दिनों का विलंब देखा जा रहा है, जिसकी संभावना अब 25 जून तक जताई गई है। वर्तमान में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, जिसके तहत शनिवार को भोपाल और इंदौर सहित 38 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।
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राजस्थान: राज्य के कोटा, उदयपुर और अजमेर सहित 12 जिलों में आंधी के साथ वर्षा की चेतावनी जारी है। बीते दिनों बूंदी, राजसमंद, अजमेर और कोटा जैसे क्षेत्रों में एक इंच तक वर्षा दर्ज की गई। यह प्री-मानसून दौर 23 जून तक सक्रिय रह सकता है।
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बिहार: राजधानी पटना और भागलपुर के क्षेत्रों में घने काले बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना हुआ है। यद्यपि वर्तमान में वर्षा उत्तर और पूर्वी जिलों तक सीमित है, फिर भी एहतियात के तौर पर 32 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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उत्तराखंड: राज्य के आठ पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में वज्रपात और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना के चलते यलो अलर्ट घोषित किया गया है।
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पंजाब: पंजाब में पारे में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने से तापमान सामान्य स्तर पर आ गया है। शुक्रवार को पटियाला में सर्वाधिक तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पूरे प्रदेश में यह 33.2 से 38.4 डिग्री के मध्य दर्ज किया गया। मानसून का आगमन 30 जून से 5 जुलाई के बीच संभावित है।
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हरियाणा: सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ सहित छह जिलों में मौसम विभाग ने धूलभरी आंधी चलने, गरज-चमक होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी का अनुमान लगाया है।
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छत्तीसगढ़: पूरे प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। बीते चौबीस घंटों में प्रादेशिक राजधानी रायपुर 37 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



