एनटीए का बयान: 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए ‘टीम भारत’ ने मिलकर कराई नीट पुनर्परीक्षा

देश के प्रतिष्ठित मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार, 21 जून को देशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इस परीक्षा के सफल संचालन के बाद बयान जारी कर कहा है कि यह आयोजन केवल एक परीक्षा नहीं था, बल्कि प्रशासनिक और सरकारी तंत्र की साझी संकल्पशक्ति का परिणाम था। परीक्षा में 20 लाख से ज्यादा छात्र सम्मिलित हुए।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इस परीक्षा को देश के भीतर 5,440 केंद्रों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 14 केंद्रों पर आयोजित किया गया। भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कुल 13 भाषाओं में ली गई। एनटीए ने रेखांकित किया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि देश के हजारों केंद्रों पर परीक्षा देने आए छात्र बिना किसी मानसिक तनाव या असुविधा के केवल अपने प्रश्नपत्र पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
संस्था ने बताया कि इस बार संवेदनशीलता बरतते हुए गंभीर रूप से अस्वस्थ और दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। कुल 10,000 से ज्यादा दिव्यांग परीक्षार्थियों को सहायता प्रदान की गई, जबकि 81 ऐसे छात्रों के लिए अलग से विशेष प्रबंध किए गए जो गंभीर चिकित्सीय दौर से गुजर रहे थे। इनमें एक अभ्यर्थी ऐसा था जो कैंसर के इलाज के तहत कीमोथेरेपी ले रहा था, जबकि दूसरा छात्र सड़क हादसे में घायल हुआ था।
सुरक्षा और निष्पक्षता के मोर्चे पर इस बार बेहद आधुनिक और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक मिलान और चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया था। स्थानीय पुलिस की मदद से दोहरी सुरक्षा जांच की गई और केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। राष्ट्रीय स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग के लिए शिक्षा मंत्रालय और एनटीए में नियंत्रण कक्ष बनाए गए थे, जिन्हें देश के उच्च शिक्षण संस्थानों और जिला प्रशासन के कार्यालयों से सीधे जोड़ा गया था।
इस परीक्षा को पूरा कराने में देश के कई शीर्ष नीतिगत और सुरक्षा संस्थानों ने मिलकर काम किया। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और राज्यों की पुलिस ने सुरक्षा संभाली, जबकि भारतीय वायुसेना, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, डाक विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वित्तीय एवं तकनीकी प्रबंधन के लिए सरकारी बैंकों (एसबीआई, पीएनबी, केनरा, यूको) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की मदद ली गई।
स्थानीय स्तर पर छात्रों की सुविधा के लिए राज्य प्रशासनों ने भी अभूतपूर्व सहयोग दिया। परीक्षा के दिन केंद्रों के बाहर पीने के पानी, धूप से बचने के लिए शेड और भोजन का प्रबंध किया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल और एम्बुलेंस को तैयार रखा गया था। कुछ राज्यों ने छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने के लिए मुफ्त बस सेवा भी मुहैया कराई।
रिकॉर्ड 37 दिनों की अल्पावधि में संपन्न हुई इस पूरी प्रक्रिया में देशभर के करीब सात लाख प्रशासनिक अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और सुरक्षाकर्मियों ने दिन-रात काम किया। एनटीए ने परीक्षा के गोपनीय चरणों में सहयोग देने वाले विशेषज्ञों और प्रोफेसरों की भी सराहना की है। एजेंसी ने अंत में कहा कि देश की पूरी प्रशासनिक और स्थानीय मशीनरी के बीच दिखे इस बेजोड़ तालमेल के कारण ही परीक्षा पूरी तरह न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकी।



