द्विपक्षीय शांति समझौते को लागू करने की कवायद; अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस और ईरानी दल स्विट्जरलैंड में मौजूद

वाशिंगटन और तेहरान के बीच आपसी कूटनीतिक संबंधों को सुधारने के उद्देश्य से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार को स्विट्जरलैंड पहुंच गए, जहां वे ईरानी प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष बैठक में शामिल होंगे। यह वार्ता दोनों देशों के बीच पूर्व में तय हुए एक मेमोरेंडम समझौते को धरातल पर उतारने के सिलसिले में आयोजित की जा रही है। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए दोनों देशों के राजनयिकों का स्वागत किया है और बताया है कि बातचीत के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट को मुख्य केंद्र बनाया गया है।

इस वार्ता के लिए जमीनी तैयारियां शनिवार को ही शुरू हो गई थीं, जब ईरानी अधिकारियों का दल देर रात स्विट्जरलैंड पहुंचा। ईरान के आधिकारिक मीडिया नेटवर्क आईआरआईबी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनका बातचीत करने वाला दस्ता तय समय पर पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि इस गुप्त और रणनीतिक वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को ‘मिनाब 168’ कोडनेम आवंटित किया गया है।

स्विट्जरलैंड सरकार ने दोनों वैश्विक शक्तियों के बीच मध्यस्थता और बातचीत के लिए एक पारदर्शी एवं तनावमुक्त वातावरण देने का भरोसा दिया है। स्विस अधिकारियों ने शनिवार को स्पष्ट किया कि बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में होने वाली इस चर्चा को बिना किसी बाहरी व्यवधान के संपन्न कराने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस अंतरिम शांति समझौते पर शुरुआती बातचीत शुक्रवार को ही शुरू होनी थी, जिसे बाद में टालना पड़ गया था।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे को वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। व्हाइट हाउस को भरोसा है कि इस बैठक के माध्यम से तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवादों का कोई कूटनीतिक समाधान निकाला जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, लेबनान में हाल ही में लागू हुए संवेदनशील सीजफायर को बरकरार रखना भी इस चर्चा के मुख्य एजेंडे में शामिल है। हालांकि, क्षेत्र में दोबारा भड़क रही हिंसा ने इन शांति प्रयासों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

अपनी यात्रा की शुरुआत में जॉइंट बेस एंड्रयूज से विमान में बैठते समय जेडी वेंस ने संवाददाताओं से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी समझ के मुताबिक ईरान के नेगोशिएटर्स पहले ही स्विट्जरलैंड में डेरा डाल चुके हैं। उन्होंने यह भी पूर्वानुमान जताया कि दोनों देशों के बीच जटिल मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए यह बातचीत संभवतः कई दिनों तक लगातार चल सकती है।

उपराष्ट्रपति वेंस ने बातचीत के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए मीडिया से कहा कि अमेरिकी पक्ष का पूरा ध्यान परमाणु मसले पर सकारात्मक प्रगति हासिल करने और लेबनान में युद्धविराम की स्थिति को सुदृढ़ करने पर रहेगा। उन्होंने दोनों विषयों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अमेरिका इन्हीं प्राथमिकताओं के साथ बातचीत की मेज पर जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह संभावना भी जताई कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी अपनी ओर से कुछ विशेष मुद्दों को चर्चा के दौरान उठा सकता है।

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