पद्म पुरस्कार 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित हुईं देश-विदेश की 65 हस्तियां, शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में संगीत, खेल, कला और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी 65 गणमान्य विभूतियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से विभूषित किया। इस भव्य राष्ट्रीय आयोजन में देश के शीर्ष नेतृत्व ने शिरकत की, जिसमें मुख्य रूप से उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के अलावा शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इस वर्ष के सम्मानों में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण की उपाधि दी गई, जिसे स्वीकार करने के लिए उनकी पत्नी रूपी सोरेन समारोह में उपस्थित हुईं। खेल और कला के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाले टेनिस स्टार विजय अमृतराज तथा अपनी सुरीली आवाज से दशकों तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वाली गायिका अलका याग्निक को भी राष्ट्रपति ने पद्म भूषण से सम्मानित किया।
समारोह में दो प्रतिष्ठित शख्सियतों, पी. नारायणन और सेवानिवृत्त न्यायाधीश केटी थॉमस को उनके अनुकरणीय लोक-कार्यों तथा शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए सर्वोच्च श्रेणी के ‘पद्म विभूषण’ से नवाजा गया। इसके साथ ही ममूटी, दत्तात्रेयुडु नोरी, वेल्लापल्ली नटेसन और एसकेएम मैलानंदन को पद्म भूषण प्रदान किया गया। वैश्विक स्तर पर भारत के संबंधों और प्रभाव को रेखांकित करते हुए इस बार चार विदेशी नागरिकों को भी सूची में शामिल किया गया, जिनमें दो अमेरिकी, एक रूसी और एक जॉर्जियाई नागरिक शामिल हैं।
समारोह के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दूसरे चरण में कुल 65 पुरस्कार सौंपे गए, जिसका वर्गीकरण दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्म श्री के रूप में किया गया है। यह इस श्रृंखला का अगला भाग था, क्योंकि इससे पूर्व बीती 25 मई को आयोजित पहले चरण के अलंकरण समारोह में भी इतनी ही संख्या (65) में पुरस्कार दिए गए थे; उस समय दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्म श्री वितरित हुए थे।
विदित हो कि भारत सरकार द्वारा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। यह सम्मान तीन मुख्य संवर्गों में दिए जाते हैं, जिनके तहत असाधारण और विशिष्ट सेवा को ‘पद्म विभूषण’, उच्च स्तरीय विशिष्ट कार्य को ‘पद्म भूषण’ तथा किसी भी कार्यक्षेत्र में विशिष्ट योगदान को ‘पद्म श्री’ से मान्यता दी जाती है। इन पुरस्कारों का दायरा व्यापक है, जिसमें विज्ञान, इंजीनियरिंग, व्यापार, खेल, लोक सेवा, कला और समाजसेवा जैसे तमाम महत्वपूर्ण क्षेत्र समाहित हैं।



