देश में मानसून की सक्रियता बढ़ी: मुंबई में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, उत्तर भारत में प्री-मानसून और हीटवेव का दोहरा असर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे मुंबई सहित कई तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश शुरू हो गई है। मुंबई में मानसून के आगमन के पहले 24 घंटों में ही भारी जलभराव के कारण नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह से बुधवार सुबह के बीच मलवणी फायर स्टेशन पर 334 मिमी और एफ/साउथ वार्ड में 328 मिमी जैसी अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि 27 अन्य स्टेशन भी 200 से 300 मिमी बारिश के गवाह बने।
महानगर में बुनियादी ढांचे और यातायात पर इसका सीधा असर पड़ा है। अंधेरी सब-वे में पानी भर जाने के कारण यातायात को रोक दिया गया है। विक्रोली वेस्ट क्षेत्र में एक रिहायशी परिसर के पास स्थित रिटेनिंग वॉल गिरने की घटना सामने आई है, और शहर के विभिन्न हिस्सों में पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आज के लिए मुंबई और पालघर में अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जबकि पड़ोसी जिलों ठाणे और रायगढ़ में ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर, कुल सात राज्य वर्तमान में प्री-मानसून की बारिश से प्रभावित हैं, जिनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। जहां एक तरफ मध्य प्रदेश के 17 जिलों में मंगलवार को प्री-मानसून की बारिश हुई, वहीं दूसरी तरफ बिहार में मौसम के इस बदलाव ने घातक रूप ले लिया। बिहार के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 11 नागरिकों की जान चली गई। इसके साथ ही, मुजफ्फरपुर में जारी तीव्र गर्मी के कारण प्रशासन ने एहतियातन आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 27 जून तक बंद रखने का निर्देश दिया है।
मानसून की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रणाली तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों को कवर कर चुकी है और अगले 48 से 72 घंटों में इसके गुजरात, एमपी और यूपी में दाखिल होने की उम्मीद है। इसके बावजूद, देश के एक बड़े हिस्से में अभी भी ग्रीष्म लहर का प्रभाव बना हुआ है। उत्तर प्रदेश का बांदा बुधवार को 43.3 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे तप्त स्थान रहा। इसके अलावा गया, बीकानेर, जैसलमेर, राजकोट और खजुराहो जैसे शहरों में भी पारा 40.4 से 41.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
25 और 26 जून के लिए मौसम की चेतावनी:
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पूर्वोत्तर और तटीय क्षेत्र: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, कोंकण-गोवा, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और झारखंड में भी तीव्र वर्षा का अनुमान है।
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मध्य और उत्तर भारत: मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के क्षेत्रों में विपरीत मौसम की स्थिति की चेतावनी दी है, जहाँ अगले दो दिनों तक क्रमशः तीसरे और चौथे दिन भी लू (हीटवेव) की स्थिति बनी रहेगी।
प्रांतीय मौसम की स्थिति: मध्य प्रदेश के बालाघाट और रायसेन सहित 15 जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई है और मानसून यहाँ दो दिनों के भीतर दस्तक दे सकता है। उत्तर प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप दिख रहा है, जहाँ लखनऊ समेत 16 जिलों में आज बारिश की संभावना है, वहीं पश्चिमी हिस्से के 38 जिलों में लू का प्रकोप जारी है। राजस्थान में प्री-मानसून की वर्षा का दौर जारी है, और जयपुर सहित 20 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका के तहत यलो अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा के मौसम में बदलाव आ रहा है; पंजाब के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल सहित 7 जिलों में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से आंधी चलने और वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।



