अमरनाथ यात्रा 2026: बाढ़ से प्रभावित रावी और सेहर खड्ड पुलों का पुनर्निर्माण पूरा, यातायात बहाल

आगामी श्री अमरनाथ यात्रा 2026 से ठीक पहले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर कालीबाड़ी के समीप रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दो प्रमुख पुलों को मरम्मत के बाद दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया है। ये दोनों पुल पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के कारण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद से यहां वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की पुष्टि की है।
इस जीर्णोद्धार कार्य के पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने इसे अमरनाथ तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि वार्षिक यात्रा के शुरू होने से पहले इन दोनों पुलों का बहाल होना बेहद सुखद है। उपराज्यपाल ने इस रणनीतिक मार्ग को समय पर दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कदम से श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम जनता और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही भी काफी सुगम हो जाएगी।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस परियोजना के सफल समापन की विस्तृत जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि एनएच-44 पर रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने इन पुलों के दोबारा चालू होने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच का बेहद महत्वपूर्ण परिवहन संपर्क फिर से स्थापित हो गया है। गडकरी के अनुसार, पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ ने इन दोनों ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिससे इस पूरे कॉरिडोर पर यातायात व्यवस्था ठप हो गई थी।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस मार्ग के रणनीतिक और आर्थिक महत्व को देखते हुए सरकार ने इसके सुधार कार्य को प्राथमिकता सूची में रखा था। विभाग ने एक निश्चित समय सीमा तय करके इस मरम्मत कार्य को समय पर पूरा करने का लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलों के क्रियाशील होने से न केवल अमरनाथ यात्रियों को सुचारू मार्ग मिलेगा, बल्कि इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को भी एक नई गति मिलेगी।



