केंद्रीय मंत्री गडकरी की समीक्षा बैठक: वर्षा ऋतु में राजमार्गों पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के आदेश

नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को मानसून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और रखरखाव के विशेष प्रबंध करने के निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रतिकूल मौसम में भी देश के राजमार्ग नेटवर्क पर यातायात को बिना किसी बाधा के चालू रखना है। इसके तहत तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में प्रगति पर चल रही सड़क परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।
इस समीक्षा के दायरे में तेलंगाना की 4,931 किलोमीटर लंबी सड़कें, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के 2,035 किलोमीटर के मार्ग और लद्दाख के 804 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल रहे। इस मूल्यांकन प्रक्रिया में आम जनता की प्रतिक्रियाओं, मीडिया रिपोर्टों और एनएचएआई (NHAI) व एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) के अधिकारियों से प्राप्त जमीनी रिपोर्टों को संज्ञान में लिया गया, जिसके बाद भविष्य की रणनीतियों पर मुहर लगाई गई।
मंत्रालय के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोपरि बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने निर्माण एजेंसियों को निगरानी तंत्र मजबूत करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि तय समय के भीतर और उच्चतम मानकों के साथ काम पूरा करने के लिए आधुनिक कार्य पद्धतियों को लागू करना अनिवार्य है। ऐसा करने से न केवल बुनियादी ढांचा टिकाऊ बनेगा, बल्कि सड़कों का दीर्घकालिक प्रदर्शन भी सुधरेगा।
आगामी मानसून के मद्देनजर गडकरी ने संभावित भूस्खलन और जलभराव जैसी दिक्कतों से निपटने के लिए स्लोप स्टेबिलाइजेशन (ढलानों की स्थिरता) और प्रभावी ड्रेनेज प्रबंधन को अनिवार्य बताया। किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने की बात भी कही गई ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सड़क नेटवर्क के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गडकरी ने कहा कि अच्छी स्थिति में मौजूद राजमार्ग किसी भी क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास, पर्यटन उद्योग के विस्तार और सुगम यात्रा की नींव होते हैं। आधुनिक इंजीनियरिंग और गुणवत्तापरक क्रियान्वयन के जरिए ही सड़क क्षेत्र के इन लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।



