अमेजन के 48 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश का पीएम मोदी ने किया स्वागत, कहा- भारतीय युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत में अमेजन कंपनी द्वारा 48 अरब डॉलर के निवेश के फैसले की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि इस बड़े निवेश से देश के नौजवानों के लिए रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति बढ़ते कारोबारी भरोसे को भी रेखांकित किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अध्यक्ष एंडी जेसी के एक संदेश का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी साझा की। पीएम मोदी ने लिखा कि एंडी जेसी के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने भारत में अमेजन के रिकॉर्ड निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक साख और यहां निवेश को लेकर दुनिया भर में पैदा हुई उत्सुकता को दर्शाता है।
इससे पहले, एंडी जेसी ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इस बैठक को बेहद शानदार बताया। जेसी ने कहा कि भारत को लेकर कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर प्रधानमंत्री के साथ बेहद सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि अमेजन पिछले दस सालों से भी अधिक समय से भारत के उपभोक्ताओं, विक्रेताओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रहा है और भारत में उनकी यात्रा की यह महज एक शुरुआत है।
अमेजन के सीईओ ने भविष्य के रोडमैप का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी आने वाले पांच वर्षों के दौरान भारत में 48 अरब डॉलर का बड़ा निवेश करने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी राशि में से 21 अरब डॉलर से अधिक का हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च किया जाएगा।
कंपनी के दूरगामी लक्ष्यों को साझा करते हुए जेसी ने बताया कि साल 2030 तक अमेजन का लक्ष्य भारत में 38 लाख रोजगार के अवसर सृजित करना है। इसके साथ ही कंपनी 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने, 1.5 करोड़ लघु उद्योगों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और सरकारी स्कूलों के लगभग 40 लाख विद्यार्थियों तक एआई की तकनीक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इस नए निवेश के बाद साल 2026 से 2030 के बीच भारत के एआई और क्लाउड सेक्टर में अमेजन का कुल नियोजित निवेश 21 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा। अमेजन के अनुसार, यह भारत के तकनीकी और क्लाउड क्षेत्र में किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक निवेश साबित होगा।



