शेयर बाजार की दो दिनों की तेजी पर लगा ब्रेक, निफ्टी 110 अंक फिसलकर 23,946 के स्तर पर आया

सप्ताह के प्रथम कारोबारी सत्र यानी सोमवार, 29 जून को भारतीय शेयर बाजार में मंदी का रुख रहा और दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका और मध्य पूर्व में ईरान के मध्य गहराते नए भू-राजनीतिक गतिरोध के कारण बाजार की धारणा प्रभावित हुई, जिससे घरेलू शेयर बाजार में पिछले दो सत्रों से जारी बढ़त का सिलसिला समाप्त हो गया। मुख्य रूप से ऑटो, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू) के शेयरों में आई भारी बिकवाली के चलते बाजार के दोनों मानक सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी में तकरीबन आधा प्रतिशत की गिरावट आई।

बाजार बंद होने के समय, बीएसई का सेंसेक्स 372.10 अंक (0.48%) घटकर 76,728.37 के स्तर पर आ गया। वहीं, दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी50 भी 109.75 अंक (0.46%) की कमजोरी प्रदर्शित करते हुए 23,946.25 के स्तर पर बंद हुआ। स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में भी मुनाफावसूली का असर दिखा, जिसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप में 0.62 प्रतिशत तथा निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.37 प्रतिशत की मंदी दर्ज की गई।

क्षेत्रवार सूचकांकों के विश्लेषण से पता चलता है कि आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार ऑटो क्षेत्र पर पड़ी, जिसका इंडेक्स 2 प्रतिशत तक लुढ़क गया। इसके साथ ही आईटी, मीडिया, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक से जुड़े शेयरों में भी 0.9% से लेकर 1.3% तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस चौतरफा बिकवाली के बावजूद निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर और मेटल सेक्टर्स में खरीदारी का रुझान रहा, जिसके दम पर ये सूचकांक बढ़त हासिल करने में सफल रहे।

व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो निफ्टी 50 के घटक शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), टीएमपीवी, इंडिगो और मारुति सुजुकी आज के सत्र में घाटे के साथ बंद होने वाले प्रमुख शेयरों की सूची में रहे। इसके अतिरिक्त मैक्स हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, कोल इंडिया, एटर्नल, बीईएल और ट्रेंट के शेयरों को भी आज गिरावट के दबाव का सामना करना पड़ा।

आज के बाजार की चाल बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही, जहां निफ्टी ने पूरे दिन के दौरान लगभग 195 अंकों के दायरे में कारोबार किया। ट्रेडिंग के पहले सत्र में जहां बाजार काफी अस्थिर रहा, वहीं दूसरे हाफ में यह पूरी तरह सुस्त पड़ गया और निफ्टी की आवाजाही महज 63 अंकों की बेहद संकीर्ण रेंज तक सीमित रह गई। दैनिक चार्ट पर बनी ‘बेयरिश कैंडल’ यह दर्शाती है कि बाजार में शॉर्ट-टर्म के लिए थोड़ी कमजोरी आ सकती है।

बाजार के जानकारों के अनुसार, तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए सकारात्मक बात यह है कि यह वर्तमान में अपने 20-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से ऊपर टिका हुआ है, जो निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मिलने की पुष्टि करता है। बहरहाल, विभिन्न मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑस्सिलेटर्स की स्थिति को देखते हुए यह संभावना अधिक है कि निकट भविष्य में सूचकांक किसी एक दिशा में बड़ी चाल चलने के बजाय एक निश्चित दायरे में ही कंसोलिडेट करता हुआ दिखाई देगा।

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