पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. ईश्वरदास रोहाणी की स्मृति में गौरव शिखर सम्मान समारोह, सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जबलपुर प्रवास के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय दादा ईश्वरदास रोहाणी की पावन स्मृति में आयोजित गौरव शिखर सम्मान 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण और समाज कल्याण में अपनी विशिष्ट साधना के लिए 12 प्रतिष्ठित नागरिकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जबलपुर की प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है और आज इन महान विभूतियों को सम्मानित करना पूरे प्रदेश के लिए एक गौरवशाली अनुभव है।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रोहाणी के विराट व्यक्तित्व और शुचिता को याद करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारी संस्कृति वैश्विक बंधुत्व की पक्षधर है। जिस प्रकार हम पूरी दुनिया को अपना परिवार मानते हैं, उसी सेवाभाव के साथ स्वर्गीय रोहाणी ने अपना पूरा जीवन समाज के कल्याण में समर्पित कर दिया। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा और संगठन निर्माण के लिए किए गए प्रयास अद्वितीय थे। उन्होंने हमेशा निर्धनों के उत्थान के लिए कार्य किया, जिसके कारण आज वे समाज में सेवा के एक प्रतीक के रूप में याद किए जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रोहाणी के प्रेरक जीवन दर्शन पर केंद्रित एक ज्ञानवर्धक पुस्तक का अनावरण भी किया। इस भव्य समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल श्री हरविंदर सिंह चंद्रा द्वारा की गई।
सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. यादव ने कहा कि हमारी समृद्ध प्राचीन सभ्यता गुरुकुल व्यवस्था से पल्लवित हुई है। उन्होंने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने विद्या ग्रहण की थी। यहाँ पनपी कृष्ण-सुदामा की प्रगाढ़ मैत्री हमें आज भी सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में मित्रों का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने गीता के संदेश का स्मरण कराते हुए कहा कि कर्म को जीवन में सबसे ऊपर रखना ही भगवान श्रीकृष्ण की मुख्य शिक्षा है।
इस आयोजन में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिन 12 दिग्गजों को मंच पर सम्मानित किया गया, उनमें सुश्री रेखा चुडास्मा (शिक्षा), डॉ. कैलाश गुप्ता (समाज सेवा), सुश्री ज्ञानेश्वरी दीदी (महिला सशक्तिकरण), श्री नंदलाल नेगांधी (संस्कृति एवं कुटुंब प्रबोधन), श्री सरबजीत सिंह कलासी (युवा प्रेरणा) और पंडित रोहित दुबे (सनातन ज्ञान) शामिल हैं। इनके साथ ही श्री नितिन चंडोक (उद्योग), डॉ. वाई. आर. यादव (चिकित्सा), वरिष्ठ पत्रकार श्री श्याम कटारे (पत्रकारिता), सब लेफ्टिनेंट (रिटायर्ड) श्री आर. एन. तिवारी (सेवानिवृत्त अधिकारी श्रेणी), पूर्व सांसद श्री आर. एन. सिंह (विधि क्षेत्र) और जस्टिस श्री देवव्रत माधव धर्माधिकारी (न्याय क्षेत्र) को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन हस्तियों के अनुकरणीय कार्य नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक श्री अशोक रोहाणी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले कर्मयोगियों का सम्मान करने की नींव स्वर्गीय दादा ने ही रखी थी। उनका मानना था कि गुणी जनों के आदर से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक श्री नीरज सिंह लोधी, विधायक श्री संतोष बरकड़े, विधायक श्री अभिलाष पांडे, विधायक श्री अजय विश्नोई तथा महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित कई गणमान्य राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


