ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए देश और प्रदेश में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन’ का हुआ शुभारंभ

ग्रामीण अंचलों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाने और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण के उद्देश्य से आज पूरे प्रदेश में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ [VB-G RAM-G] की आधिकारिक शुरुआत की गई। इस विशेष अवसर पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में स्थानीय प्रशासन द्वारा भव्य जन सम्मेलनों और उद्घाटन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इस महत्वाकांक्षी योजना का राष्ट्रीय स्तर पर आगाज केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ओबुलवारिपल्ले मंडल के अंतर्गत आने वाले मुक्कावरिपल्ली गाँव से इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान रेखांकित किया कि इस नई पहल के माध्यम से देश की सबसे पिछड़ी ग्राम पंचायतों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन के लिए अधिक बजटीय आवंटन, सहायता और नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया, जहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जन सम्मेलन के बीच इस मिशन को प्रदेश में लॉन्च किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के कैबिनेट मंत्री ने योजना के तकनीकी पक्षों और जनकल्याणकारी नीतियों की रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने कहा कि तकनीक और पारदर्शिता का यह अनूठा संगम सुशासन को मजबूत आधार प्रदान करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और आत्मनिर्भरता के नए विकल्प तैयार कर ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। इस राज्य स्तरीय गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य के अन्य सभी जिलों में आयोजित किए गए कार्यक्रमों में क्षेत्रीय प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर ग्रामीणों को इस मिशन के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराया। कार्यक्रमों के दौरान आंध्र प्रदेश से हुए राष्ट्रीय लॉन्चिंग समारोह का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने देखा और सुना। इन सम्मेलनों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, स्थानीय श्रमिकों, युवाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर कई जिलों में नए विकास कार्यों की शुरुआत की गई, साथ ही सूचना-शिक्षा-संचार (IEC) प्रदर्शनियां लगाई गईं और सफल कहानियों का प्रदर्शन किया गया।

समारोहों में शामिल हुए नागरिकों को इस मिशन के तहत मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें विशेष रूप से साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, पूरी तरह से डिजिटल कार्यप्रणाली, पारदर्शी तरीके से भुगतान की व्यवस्था, आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और ग्राम स्तर पर विकेंद्रीकृत योजना निर्माण की प्रक्रियाओं को समझाया गया। इन आयोजनों ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जनभागीदारी के एक नए मॉडल को स्थापित किया है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य इस मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और स्थायी सामुदायिक संपत्तियों का लाभ पहुंचाना है।

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