मध्यप्रदेश के स्कूलों में ‘सेफ क्लिक 2.0’ के तहत साइबर जागरूकता अभियान, लाखों छात्र-शिक्षकों ने ली शपथ

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा बुधवार को राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ‘सेफ क्लिक 2.0’ साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ ने साइबर सुरक्षा की शपथ ली। स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य साइबर पुलिस के आपसी समन्वय से आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य को साइबर अपराधों से मुक्त बनाना और युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक के रूप में तैयार करना है।
इस राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक के विद्यालयों में सुबह की प्रार्थना सभाओं के दौरान एक साथ साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच विद्यार्थियों को जागरूक करने की इस मुहिम में बच्चों ने बेहद उत्साह के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
वर्तमान समय में इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं और बच्चों की निर्भरता तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से वे साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन उत्पीड़न, फेक न्यूज और फर्जी लिंक जैसी आपराधिक गतिविधियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इस अभियान के जरिए छात्रों को यह समझाया गया कि डिजिटल दुनिया में उनका हर एक क्लिक कितना महत्वपूर्ण है और थोड़ी सी सतर्कता उन्हें बड़े सामाजिक व वित्तीय नुकसान से सुरक्षित रख सकती है।
इस विशेष आयोजन के दौरान सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे पासवर्ड, ओटीपी और बैंक खातों जैसी अपनी गोपनीय और व्यक्तिगत जानकारियों को कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करेंगे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, भ्रामक एवं बिना पुष्टि वाली खबरों को आगे न बढ़ाने तथा ऑनलाइन गेमिंग या चैटिंग के समय किसी भी प्रकार के प्रलोभन या धमकी के आगे न झुकने की शपथ ली गई। छात्रों को यह भी संकल्प दिलाया गया कि किसी भी संदेहास्पद साइबर गतिविधि का सामना होने पर वे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या फिर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करेंगे।
इस विशाल कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले ही सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए थे। स्कूलों में शपथ दिलाने के साथ-साथ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और ऑनलाइन सतर्कता बरतने के बुनियादी नियम भी विस्तार से समझाए।
मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि यदि समाज के सबसे अहम हिस्से यानी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर दिया जाए, तो भविष्य में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में बेहद सकारात्मक और दूरगामी परिणाम मिलेंगे। एक जागरूक छात्र न केवल खुद को सुरक्षित रखेगा, बल्कि अपने परिवार और पूरे समाज को भी इस खतरे के प्रति सचेत करने का जरिया बनेगा।
अभियान के अंत में मध्यप्रदेश पुलिस और स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सभी जिला अधिकारियों, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, प्राचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, आम जनता से अपील की गई कि वे सुरक्षित डिजिटल आदतों को अपनी जीवनशैली में शामिल करें और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।


