डाक विभाग की ऐतिहासिक छलांग: प्रथम तिमाही में 4,008 करोड़ रुपये का कारोबार, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दी जानकारी

डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अभूतपूर्व प्रगति करते हुए 4,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर का आंकड़ा पार कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। विज्ञान भवन में आयोजित डाक विभाग की एक समीक्षा बैठक में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती तिमाही में इंडिया पोस्ट का राजस्व 4,008.95 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 22.2 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी को प्रदर्शित करता है।
इस महत्वपूर्ण प्रगति पर चर्चा करते हुए संचार मंत्री ने कहा कि यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में डाक विभाग को आधुनिक और भविष्योन्मुखी बनाने के प्रयासों के कारण हासिल हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल माध्यम ‘एक्स’ पर लिखा कि इंडिया पोस्ट ‘डाक सेवा, जन सेवा’ के अपने मूल संकल्प को अपनाते हुए भविष्य में भी देश की सेवा में सफलता के नए अध्याय लिखने के लिए निरंतर अग्रसर रहेगा।
विभाग के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में देश भर के सभी 23 डाक सर्किलों के कामकाज की गहराई से समीक्षा की गई। इस दौरान न केवल पहली तिमाही के वित्तीय और व्यावसायिक नतीजों का आकलन किया गया, बल्कि पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विभाग के रणनीतिक रोडमैप और भविष्य के लक्ष्यों को हासिल करने की कार्ययोजना को भी अंतिम रूप दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विभाग की कमाई तकरीबन 3,280 करोड़ रुपये रही थी, जो इस वर्ष बढ़कर 4,000 करोड़ रुपये के स्तर को लांघ गई है। राज्य मंत्री के अनुसार, लगभग 22 प्रतिशत की यह वार्षिक वृद्धि दर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विभाग अपने 30 फीसदी के सालाना विकास लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सही और मजबूत कदम बढ़ा चुका है।
इस आयोजन में उन राज्यों और सर्किलों को भी प्रोत्साहित किया गया जिन्होंने विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष स्थान पाया। आंकड़ों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश सर्किल ने अपने त्रैमासिक व्यावसायिक लक्ष्य का 100 प्रतिशत से अधिक हासिल करने में कामयाबी पाई। पार्सल डिलीवरी क्षेत्र में बिहार और तमिलनाडु सर्किलों ने तय लक्ष्यों से आगे बढ़कर काम किया, जबकि मेल ऑपरेशंस में भी आंध्र प्रदेश ने 100 फीसदी से अधिक का लक्ष्य अर्जित किया।
जन-केंद्रित डाक सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सर्किलों को मंच पर सम्मानित किया गया। बचत योजनाओं के सफल संचालन में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और झारखंड के डाक सर्किलों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। इसके अलावा, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI/RPLI) की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल सर्किलों ने अपनी विशेष पहचान बनाई।



