यूएई के टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत; भारत ने ईरानी राजनयिक को तलब कर जताई कड़ी आपत्ति

ओमान के पास सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में दो मालवाहक जहाजों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई। इस गंभीर घटना पर तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के उप-प्रमुख को तलब किया और इस हिंसक कृत्य पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को आयोजित अपनी नियमित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया कि भारत सरकार ने इस जानलेवा हमले की पुरजोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस घटना में अपने एक बहुमूल्य नागरिक को खो दिया है। प्रवक्ता के अनुसार, हमले में घायल हुए लोगों में से दो की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और भारत ने ईरान के समक्ष इन हमलों को फौरन बंद करने की पुरजोर मांग की है।
यह समुद्री हमला तब हुआ जब ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहियाह’ नामक दो टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से अपनी यात्रा पर थे। रक्षा मंत्रालय के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि दो ईरानी क्रूज मिसाइलों के इस हमले में ‘मोम्बासा’ जहाज पर तैनात भारतीय नाविक की मृत्यु हो गई। इस हमले में कुल आठ नाविक जख्मी हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्री मार्गों की सुरक्षा सर्वोपरि है। क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाना तत्काल प्रभाव से बंद होना चाहिए। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र, सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही तथा व्यापारिक गतिविधियों की बहाली के लिए ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।



