आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने फ़िनलैंड पहुँचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पहले ही दिन दो बड़े औद्योगिक समझौतों पर लगी मुहर

भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल फ़िनलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति देने के उद्देश्य से दो संस्थागत समझौतों (एमओयू) को अंतिम रूप दिया गया है। यात्रा के पहले दिन दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए व्यापक और रणनीतिक चर्चा का दौर चला, जो भविष्य के आर्थिक संबंधों की दिशा तय करेगा।

इस दौरे को मार्च 2026 में फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के भारत आगमन के समय डिज़िटलीकरण और स्थिरता के क्षेत्रों में लिए गए रणनीतिक फैसलों को जमीन पर उतारने की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, यह पहल भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे मुक्त व्यापार समझौते के आलोक में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नया ढांचा प्रदान करने के लिए की गई है।

दौरे के शुरुआती चरण में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने फ़िनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री डॉ. सकारी पुइस्तो के साथ एक विशेष द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से वित्तीय बाजारों के संचालन, नवाचार को प्रोत्साहन, नए उद्यमों के लिए फंडिंग की व्यवस्था और आपसी व्यापारिक हितों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

इसके उपरांत, पीयूष गोयल ने हेलसिंकी में आयोजित ‘इंडिया-फ़िनलैंड बिज़नेस फ़ोरम’ के मंच से भारतीय और फ़िनिश व्यापार समुदाय को संबोधित किया। हाउस ऑफ़ द एस्टेट्स में हुए इस कार्यक्रम में फ़िनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री डॉ. सकारी पुइस्तो, सीआईआई व्यापार नीति परिषद के चेयरमैन नारायण सेतुरामन और बिज़नेस फ़िनलैंड के महानिदेशक लासी नोपोनेन ने भी हिस्सा लिया और वाणिज्यिक सहयोग को बढ़ाने की रूपरेखा साझा की।

व्यापारिक संबंधों को संस्थागत मजबूती देने के लिए फ़ोरम के दौरान दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और बिज़नेस फ़िनलैंड के बीच, तथा सीआईआई और फ़िनिश उद्योग परिसंघ के बीच हुई है, जिससे दोनों देशों के कॉरपोरेट जगत के बीच व्यापारिक लेन-देन और संवाद की प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में दोनों पक्षों की कंपनियों ने भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया। डिजिटल एवं उन्नत प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्वच्छ ऊर्जा, बायो-इकोनॉमी, सर्कुलर इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग और निवेश के नए रास्ते तलाशने पर सहमति बनी।

अपने संबोधन के दौरान पीयूष गोयल ने दोनों देशों के उस साझा संकल्प को पुनः रेखांकित किया, जिसमें वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से विनिर्माण, निवेश और नवाचार पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हुई है।

दौरे के पहले दिन के कार्यक्रमों का औपचारिक समापन हेलसिंकी में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक नेटवर्किंग स्वागत समारोह के साथ हुआ। इस आयोजन में दोनों देशों के नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और प्रमुख हितधारकों ने भविष्य की योजनाओं पर अनौपचारिक चर्चा की। पहले दिन की इन गतिविधियों ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देश अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को एक नई और टिकाऊ दिशा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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