तकनीकी और आर्थिक साझेदारी मजबूत करने फिनलैंड पहुंचे पीयूष गोयल, नोकिया और केओएनई समेत कई शीर्ष औद्योगिक समूहों से की वार्ता

भारत-फिनलैंड द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फिनलैंड के प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक दिग्गजों के साथ रणनीतिक बैठकें कीं। इस उच्चस्तरीय संवाद का मुख्य फोकस अनुसंधान, उन्नत विनिर्माण, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम और निवेश के क्षेत्रों में आपसी तालमेल को बढ़ाना था।

इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने नोकिया कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। वार्ता में भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास, 5जी एवं आगामी 6जी तकनीकों, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और नवाचार साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही भारतीय दूरसंचार बाजार में नोकिया के लंबे अनुभव को देखते हुए नई डिजिटल संभावनाओं को साझा करने की रणनीति पर भी बात हुई।

नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देते हुए केंद्रीय मंत्री ने यूरोप के प्रमुख शोध संस्थान वीटीटी (VTT) तकनीकी अनुसंधान केंद्र के नेतृत्व से मुलाकात की। बैठक में औद्योगिक परिवर्तन, सतत विकास, उन्नत सामग्री और डिजिटलीकरण से जुड़े क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं और सुगम प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।

भारत के तीव्र बुनियादी ढांचा विकास को ध्यान में रखते हुए केओएनई (KONE) कॉरपोरेशन के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस संवाद में स्मार्ट शहरी अवसंरचना, आधुनिक लिफ्ट व एस्केलेटर तकनीक और सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन सॉल्यूशंस पर चर्चा हुई। भारत के विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर उत्पादन की संभावनाओं को लेकर दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख दिखाया।

इसके अतिरिक्त, औद्योगिक विनिर्माण में आधुनिक समाधान तलाशने के लिए केम्पी (Kemppi) समूह के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस चर्चा में उन्नत वेल्डिंग तकनीक, औद्योगिक मशीनरी और भारत के बढ़ते बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों पर विमर्श किया गया। बैठक में उभरते हुए क्षेत्रों, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी साझेदारी विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

फिनलैंड के औद्योगिक जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ हुए इस सीधे संवाद से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई गति मिली है। इस यात्रा ने वैश्विक स्तर पर भारत को एक भरोसेमंद विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने का कार्य किया है, जिससे आने वाले समय में तकनीक, अनुसंधान और निवेश के मोर्चे पर सहयोग और गहरा होगा।

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