भारत टेक्स 2026: ग्रामीण महिला उद्यमियों के हुनर को मिला वैश्विक मंच, 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में बढ़े कदम

नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कपड़ा मेला ‘भारत टेक्स 2026’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के माध्यम से अपनी सक्रिय भागीदारी का सफलतापूर्वक समापन किया। इस भव्य आयोजन के दौरान मंत्रालय द्वारा लगाए गए विशेष पवेलियन ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ‘लखपति दीदियों’ के अद्वितीय शिल्प कौशल, उद्यमशीलता और व्यावसायिक कौशल को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत किया। चार दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में ग्रामीण महिला उद्यमियों को देश-विदेश के खरीदारों, उद्योग जगत के दिग्गजों और आम आगंतुकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का मौका मिला, जिससे उनके उत्पादों के प्रचार और नए बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त हुआ।

कार्यक्रम के समापन सत्र के अवसर पर कपड़ा मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव टी.के. अनिल कुमार सहित संयुक्त सचिव जयश्री एवं संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने विकास पवेलियन का विस्तृत दौरा किया। डीएवाई-एनआरएलएम की निदेशक डॉ. मोलिश्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत किया। इस दौरे के दौरान अधिकारियों ने लखपति दीदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके व्यावसायिक सफर व अनुभवों को जाना और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पादों की गहन समीक्षा की।

चार दिवसीय इस प्रदर्शनी में मंत्रालय के स्टॉल्स पर भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों से आए निर्यातकों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों और खरीदारों का भारी जमावड़ा देखा गया। इस सकारात्मक प्रतिसाद ने ग्रामीण महिला कारीगरों को न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर दिया, बल्कि उद्योग के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने और भविष्य के व्यापारिक गठजोड़ की संभावनाएं तलाशने में भी मदद की।

इस पवेलियन में देश की सांस्कृतिक और वस्त्र विरासत की अनूठी झलक देखने को मिली, जो आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही। यहाँ पट्टाचित्र, पेन कलमकारी, फुलकारी कढ़ाई, एरी रेशम और पश्मीना जैसे पारंपरिक हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया था। इन उत्कृष्ट कलाकृतियों ने भारतीय ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मक क्षमता और तकनीकी कौशल का लोहा मनवाया।

पूरे आयोजन के दौरान ‘सरस शक्ति कलेक्शन’ ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। डीएवाई-एनआरएलएम के तहत शुरू की गई इस विशेष पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार प्रीमियम श्रेणी के हस्तनिर्मित उत्पादों को एक छत के नीचे प्रदर्शित किया गया था। उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन, आकर्षक पैकेजिंग और बाजार में उनकी उपलब्धता पर केंद्रित यह पहल महिला नेतृत्व वाले लघु उद्योगों को बड़े संस्थागत और प्रीमियम बाजारों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है, जिससे पारंपरिक शिल्पों की मौलिकता भी सुरक्षित रह सके।

ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीएवाई-एनआरएलएम योजना के अंतर्गत देश के ग्रामीण क्षेत्रों की 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के जरिए इन महिलाओं को आर्थिक मदद, व्यावसायिक प्रशिक्षण, उद्यम विस्तार के साधन और सशक्त बाजार संपर्क मुहैया कराया जा रहा है। सरकार द्वारा 3 करोड़ लखपति दीदियों का प्रारंभिक पड़ाव पार करने के बाद, अब इस कल्याणकारी अभियान के तहत 6 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मंत्रालय ने इस भागीदारी की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत टेक्स 2026 के माध्यम से ग्रामीण पृष्ठभूमि की महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के मुख्यधारा से जोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। इसके साथ ही यह आयोजन भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने और महिला सशक्तिकरण पर आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के संकल्प को और मजबूत करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button