बुंदेलखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ को दी 189 करोड़ की सौगात, मेडिकल कॉलेज की भी घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए 189 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 72 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड को एक उभरता हुआ निवेश केंद्र बताया और क्षेत्र के समग्र उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से टीकमगढ़ में एक भव्य मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की, जिसका भूमिपूजन जल्द ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बुंदेलखंड के ऐतिहासिक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के अन्नदाताओं ने लंबे समय तक जल संकट और रोजगार के अभाव के कारण बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। हालांकि, अब केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र को समृद्धि की राह पर ले जाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने के बाद कृषि उत्पादन के मामले में यह अंचल पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ देगा। इस परियोजना से अकेले टीकमगढ़ जिले की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की जाएगी।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 102.45 करोड़ रुपए की लागत वाले 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और 86.66 करोड़ रुपए के 39 कार्यों का भूमिपूजन किया। क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ को आज अमृत भारत रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इसके साथ ही जतारा और बड़ागांव धसान में आधुनिक सुविधाओं से लैस सांदीपनि विद्यालय भवनों सहित 16 स्कूलों में नए निर्माण कार्यों की शुरुआत हुई है। खरगापुर में भी 40 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सांदीपनि विद्यालय भवन का शिलान्यास किया गया। युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए हॉकी सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और बास्केटबॉल कोर्ट का भी उद्घाटन किया गया।

शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समय की मांग के अनुसार प्रदेश के नौनिहालों को सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से संस्कारों के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अटूट मित्रता के प्रतीक ये विद्यालय आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं ताकि नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2002-03 तक राज्य में सिंचाई का रकबा महज 7.50 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो चुका है। सरकार का अगला लक्ष्य इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण और समावेशन की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश विवाह, तलाक और वसीयत के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है, जिसका उदाहरण लाड़ली बहना योजना है, जहां रानी और रुखसाना दोनों को समान रूप से हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी देवस्थानों को भव्य रूप में विकसित किया जा रहा है।

किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुदान दिया जा रहा है। गौशालाओं को प्रति गौमाता 40 रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से दुग्ध उत्पादकों को सही दाम मिलना सुनिश्चित हुआ है। साथ ही मछुआरों की आर्थिक उन्नति के लिए मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम को जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में टीकमगढ़ जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित कई जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित थे।

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