मौसम अपडेट :

शनिवार देर रात 3 बजे जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में अचानक आई भयानक बाढ़ ने पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दूसरे चरण की दस्तक को बेहद संवेदनशील बना दिया है। धारहाल नदी में आई बाढ़ का पानी न्यू बस स्टैंड बेला के निचले इलाकों में प्रवेश कर गया, जिसके परिणामस्वरूप वहां पार्क की गई लगभग 200 से 250 गाड़ियां बह गईं। इस समय दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित पूर्वोत्तर के असम, मेघालय व अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को उत्तराखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के लिए आपातकालीन ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
सुरक्षात्मक उपायों के तहत प्रशासन ने 19 जुलाई से अमरनाथ और वैष्णो देवी की वार्षिक यात्राओं को अस्थायी तौर पर रोक दिया है। उत्तराखंड में भी भूस्खलन की घटनाओं के बाद केदारनाथ मार्ग पर पशु परिवहन (घोड़े-खच्चर) सेवाओं को रोक दिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इसका असर देखा जा रहा है, जहां कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के कदम थम गए हैं। धारचूला बेस कैंप के प्रभारी धन सिंह बिष्ट ने पुष्टि की है कि गरबाधार में बड़े पैमाने पर भूस्खलन होने से गुंजी मार्ग बंद है, जिसके कारण 50 तीर्थयात्रियों के चौथे जत्थे को धारचूला बेस कैंप में ही सुरक्षित रोका गया है।
प्राकृतिक आपदा का सबसे भीषण रूप अरुणाचल प्रदेश में देखा जा रहा है, जहां बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 7 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 29 लोग जख्मी हुए हैं। राज्य के 26 जिलों के करीब 576 गांवों में 1,49,257 लोग इस मानसूनी आपदा की चपेट में हैं।
गंगा के मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बरेली समेत कई हिस्सों में रविवार सुबह से ही मेघ बरस रहे हैं। बलिया में सरयू नदी के तेज बहाव में एक आवासीय मकान के ढहने की खबर है, वहीं मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। पड़ोसी राज्य बिहार में भी बगहा, मधेपुरा और सुपौल में सुबह से बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बिहार के 17 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 20 जिलों में यलो अलर्ट लागू किया है।
मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मौसम प्रणालियों का सीधा असर दिख रहा है। पश्चिम बंगाल और उत्तरी झारखंड के ऊपर सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है, जिससे अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सरगुजा जिले में एक दुखद घटना में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 4 बच्चे झुलस गए, जिनमें से 2 बच्चों ने दम तोड़ दिया।
मौसम विभाग की आगामी दो दिनों की चेतावनी:
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20 जुलाई: मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए उच्चतम ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और बंगाल-सिक्किम क्षेत्र के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ सक्रिय किया गया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल सहित कई राज्यों में भारी वर्षा का अनुमान है।
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21 जुलाई: पर्वतीय राज्यों (जम्मू-कश्मीर व हिमाचल) में रेड अलर्ट जारी रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के साथ-साथ कर्नाटक और तेलंगाना में तेज गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।



