अमरीका-ईरान में बढ़ा टकराव, ट्रंप बोले- सैनिकों पर हमले का देंगे करारा जवाब

जॉर्डन में ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ के तहत तैनात दो अमरीकी सैनिकों की मौत के बाद अमरीका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अमरीकी सैन्यकर्मियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी तरह के नुकसान का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ के माध्यम से कहा कि यदि ईरान किसी भी अमरीकी नागरिक या सैनिक की जान लेता है, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने बताया कि इस नीतिगत रुख से युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैनियल केन सहित पूरी सैन्य कमान को अवगत करा दिया गया है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने रुख में किसी नरमी के संकेत नहीं दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकारी मीडिया आईआरएनए को बताया कि संघर्ष को रोकने या बातचीत की मेज पर आने के लिए ईरान का मजबूत स्थिति में होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बिना अपनी स्थिति मजबूत किए जल्दबाजी में वार्ता करना अनुचित होगा।
ईरानी विदेश मंत्री का मानना है कि किसी भी संघर्ष का समाधान केवल दो तरीकों से संभव होता है—सैन्य वर्चस्व या पारस्परिक वार्ता। उन्होंने कहा कि ईरान केवल उसी स्थिति में चर्चा में शामिल होगा जब परिस्थितियां उसके अनुकूल होंगी।
इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सामाजिक नेटवर्क ‘एक्स’ पर अमरीकी रुख की आलोचना की। गालिबाफ ने कहा कि एक तरफ अमरीका क्षेत्र में नए हथियार और सैन्य बल जुटा रहा है और दूसरी तरफ शांति की बात करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अब इन कूटनीतिक चालों को समझ चुका है और अपने कार्यों से ही जवाब देगा।
द्विपक्षीय एमओयू टूटने के बाद से दोनों देशों के बीच शुरू हुआ यह संघर्ष पिछले नौ दिनों से जारी है। खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमरीकी सैन्य अड्डों पर ईरानी हमलों और ईरान पर अमरीकी जवाबी कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं।



