शेयर बाज़ार अपडेट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन मंदी का माहौल रहा। हफ्ते के मध्य में बिकवाली के भारी दबाव के बीच देश के दोनों मुख्य बेंचमार्क इंडेक्स करीब एक फीसदी टूटकर बंद हुए।
बाजार बंद होने के समय बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत का घाटा दर्ज करते हुए 23,996.25 के स्तर पर सिमट गया।
दिग्गज शेयरों में इंडिगो, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफोसिस, एक्सिस बैंक, एसबीआई, मैक्स हेल्थ और अल्ट्राटेक सीमेंट गिरावट के मामले में सबसे आगे रहे। इनके अलावा बजाज-ऑटो, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर और इटरनल के शेयरों में भी सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
छोटे और मझोले शेयरों पर भी मंदी की मार पड़ी। निफ्टी मिडकैप में 1.09 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी मीडिया में सबसे ज्यादा 2.68 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी 2.6 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 1.8 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.5 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.4 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.3 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.2 प्रतिशत टूटकर बंद हुए। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) में भी नरमी रही।
हालांकि, एफएमसीजी और ऑटो क्षेत्रों में सुधार देखने को मिला। निफ्टी एफएमसीजी 0.65 प्रतिशत की मजबूती के साथ सबसे अधिक लाभ में रहा, वहीं निफ्टी ऑटो 0.18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर दूसरे नंबर पर रहा।
बाजार में जारी यह गिरावट पिछले तीन दिनों से लगातार बनी हुई है। बीते तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,400 अंक (लगभग 2 प्रतिशत) गंवा चुका है, जबकि निफ्टी में 300 अंकों से अधिक (लगभग 1.4 प्रतिशत) की कमी आ चुकी है।



