शेयर बाज़ार अपडेट :

भारतीय इक्विटी बाजार ने 23 जुलाई को एक सीमित दायरे में सुस्त कारोबार के साथ शुरुआत की। शुरुआती सत्र के दौरान सेंसेक्स 76,700 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 23,950 के आसपास अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा। बाजार का समग्र दायरा मिला-जुला बना हुआ है, जिसमें फार्मास्युटिकल और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली की वजह से दबाव देखा जा रहा है, जबकि ऑटो तथा मीडिया सेक्टर के शेयरों में लिवाली से बाजार को सहारा मिलता दिख रहा है।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में आई तेजी ने चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। एक्सपर्ट्स का आकलन है कि अगर मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के मध्य भू-राजनीतिक गतिरोध गहराता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल के ऊपरी स्तर को छू सकता है। यदि ऐसा होता है, तो देश के भीतर ईंधन के दामों में बढ़ोतरी का जोखिम बढ़ जाएगा।

दूसरी ओर एशियाई बाजारों में आज का कारोबारी रुख मिश्रित देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.45 फीसदी (180 अंक) की तेजी दर्ज करते हुए 6993 के स्तर पर पहुंच गया। जापान के निक्केई में भी 309 अंक (0.47%) की बढ़त देखने को मिली और यह 66424 पर दर्ज हुआ। इसी तरह हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 296 अंक यानी 1.13 प्रतिशत चढ़कर 25189 के स्तर पर बंद हुआ।

वॉल स्ट्रीट की बात करें तो 22 जुलाई के सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों का प्रदर्शन सुस्त रहा। डाउ जोन्स में 6 अंकों की मामूली लाल निशान वाली गिरावट रही और यह 52219 पर बंद हुआ। नैस्डैक सूचकांक 146 अंक (0.57%) घटकर 25691 पर आ गया, जबकि S&P 500 सूचकांक 10 अंक (-0.14%) की कमजोरी के साथ 7499 के स्तर पर बंद हुआ।

इससे पहले 22 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार भी लाल निशान में बंद हुए थे। तब सेंसेक्स में 715 अंकों की बड़ी गिरावट आई थी और यह 76,755 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 191 अंक टूटकर 23,996 के स्तर पर आ गया था।

संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों को देखें तो पिछले सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों की तरफ से ₹4,660 करोड़ की खरीदारी की गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹418 करोड़ और FII/FPI ने ₹819 करोड़ की बिकवाली की है। सात दिनों की अवधि में DII द्वारा ₹1,255 करोड़ का शुद्ध निवेश किया गया, जिसके मुकाबले FII ने ₹667 करोड़ बाजार से निकाले। लंबी अवधि यानी पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो DII ने ₹40,340 करोड़ की भारी-भरकम खरीदारी की है, जबकि FII की तरफ से इस दौरान ₹10,204 करोड़ की कुल निकासी देखी गई है।

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