नूरिस्तान बाढ़ त्रासदी: भारत ने अफगानिस्तान की ओर बढ़ाया मदद का हाथ, राहत सामग्री की खेप रवाना

अफगानिस्तान के पहाड़ी प्रांत नूरिस्तान में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद भारत ने मानवीय आधार पर त्वरित सहायता प्रदान की है। मंगलवार को भारत सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और सहायता के लिए खाद्य पदार्थ तथा अस्थायी टेंट सहित आवश्यक राहत सामग्री अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपी।
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत पूरी तरह से अफगान नागरिकों के साथ मुस्तैद है। मंत्रालय के अनुसार, नूरिस्तान के प्रभावित परिवारों की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन और आश्रय सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
स्थानीय मीडिया रिपोट्स और प्रांतीय प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, नूरिस्तान की राजधानी परून और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक कम से कम 20 नागरिकों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 80 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तालिबान प्रशासन के अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि स्थिति और विकट हो सकती है।
तालिबान संचालित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हमद ने स्थिति का ब्योरा देते हुए बताया कि परून तथा आसपास के क्षेत्रों में 100 से ज्यादा ग्रामीण अभी भी लापता हैं। प्रांतीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ खोज एवं बचाव दल तैनात किए हैं, जो मलबे और पानी के तेज बहाव में बहे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
प्राकृतिक आपदा के कारण नूरिस्तान में अवसंरचना और निजी संपत्ति को व्यापक क्षति पहुँची है। सैकड़ों रिहाइशी मकान, कृषि भूमि और व्यावसायिक प्रतिष्ठान या तो जलमग्न हो गए हैं या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जिससे स्थानीय आबादी को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गम पहाड़ी ढाँचे और बुनियादी सड़कों के अभाव के कारण राहत एजेंसियों को बचाव कार्यों में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।



