अमेरिका-ईरान तनाव और गहराया: लगातार 13वीं रात अमेरिकी हमले

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार शाम ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों का नया दौर शुरू किया। यह लगातार 13वीं रात है जब अमेरिका ने ईरान के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमले गुरुवार शाम 6:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू किए गए। CENTCOM के अनुसार, इन सैन्य कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान को जवाबदेह ठहराना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से कमर्शियल शिपिंग के लिए पैदा किए जा रहे खतरे को कम करना है।
CENTCOM ने यह भी बताया कि इस महीने की शुरुआत में ईरान के खिलाफ नौसेना नाकेबंदी दोबारा लागू किए जाने के बाद अब तक 12 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदलवाया जा चुका है। इसके अलावा एक जहाज को ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने-जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है।
उधर, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों को रोक लिया। इनमें से एक टैंकर में विस्फोट होने के बाद आग लग गई। ईरानी मीडिया के मुताबिक, ये टैंकर माइन्स वाले क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। IRGC ने चेतावनी दी कि बिना ईरानी मंजूरी के इस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज के साथ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले गुरुवार को ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि अमेरिकी मिसाइल हमलों में पश्चिमी ईरान के अहवाज, रामशीर और अंदिमेशक के आसपास के इलाकों, दक्षिणी ईरान में बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास स्थित पावर स्टेशन और इराकी सीमा के निकट स्थित शालमचेह शहर को निशाना बनाया गया।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि वे ईरान के खिलाफ और बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान फरवरी में शुरू किए गए “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” से भी बड़ा हो सकता है।



