कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित, बांटे नकद पुरस्कार

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीटों को सम्मानित किया। इस दौरान स्वर्ण पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि के चेक प्रदान किए गए।
ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक (7 स्वर्ण और 3 रजत) जीते और पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाजों में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घांघस (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पांघाल (80 किग्रा) शामिल हैं। इसके अलावा जादुमनी सिंह (55 किग्रा), ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा) ने रजत पदक हासिल किया।
जूडो प्रतियोगिता में भारत ने 12 स्पर्धाओं में हिस्सा लेकर 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित 4 पदक जीते, जो राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस दौरान अस्मिता ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका और हर्ष ने स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। वहीं, पैरा-एथलेटिक्स दल के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पैरा-स्पोर्ट्स क्षमता को मजबूती प्रदान की।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों से अपने प्रतिस्पर्धी करियर के बाद भी देश के खेल क्षेत्र में योगदान देने और अगली पीढ़ी का मार्गदर्शक बनने का आग्रह किया। उन्होंने खिलाड़ियों को केवल सरकारी नौकरी हासिल करने तक सीमित न रहने की सलाह दी और 36,000 करोड़ रुपये की विस्तारित ‘खेलो इंडिया’ योजना का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से अपनी स्पोर्ट्स एकेडमी शुरू करने तथा युवा प्रतिभाओं को निखारने का आह्वान किया।
आगामी एशियन गेम्स 2026 का जिक्र करते हुए खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन के स्तर को और बेहतर करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रजत और कांस्य विजेता अगली बार स्वर्ण जीतने का प्रयास करें और स्वर्ण विजेता अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाएं। इसके साथ ही उन्होंने सफलता में कोच के अमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए खिलाड़ियों को गुरु के मार्गदर्शन को सदैव याद रखने की सीख दी। उन्होंने बताया कि ‘खेलो इंडिया’, TOPS, ACTC, साई एनसीओई कैंप और अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को निरंतर सरकारी सहायता प्रदान की गई है।



