रेपो दर 5.25% पर स्थिर रहने से बाजार में मिला-जुला रुख, निफ्टी और सेंसेक्स मामूली तेजी पर

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को सीमित बढ़त के साथ बंद हुआ, जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में कोई बदलाव न करते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा। केंद्रीय बैंक द्वारा मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ बनाए रखने के फैसले के बाद निवेशकों ने सतर्कता और संतुलन के साथ कारोबार किया।

कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 प्रतिशत चढ़कर 78,581.00 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, एनएसई का निफ्टी सूचकांक भी 9.75 अंक या 0.04 प्रतिशत की नाममात्र बढ़त दर्ज करते हुए 24,624.65 पर टिका।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी आर्थिक आंकड़े बाजार धारणा को संभालने में मददगार साबित हुए। आरबीआई ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान पूर्ववत रखा है। इसके साथ ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे निवेशकों को राहत मिली।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर निकटतम समर्थन क्षेत्र है, जबकि नीचे की ओर 24,400 से 24,300 का दायरा मजबूत सपोर्ट मुहैया करा रहा है। डेरिवेटिव आंकड़ों से संकेत मिलता है कि 24,600 की स्ट्राइक पर सर्वाधिक कॉल ओपन इंटरेस्ट होने के कारण यह स्तर मुख्य बाधा बना हुआ है। वहीं 24,500 और 24,400 पर जमा पुट ओपन इंटरेस्ट बाजार को सहारा दे रहा है। जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक सूचकांक 24,500 से 24,300 के बीच ही घूम सकता है।

बुधवार के कारोबार में श्रीराम फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू स्टील और ग्रासिम इंडस्ट्रीज निफ्टी के शीर्ष बढ़त बनाने वाले शेयरों में शुमार रहे। मझोले और छोटे शेयरों ने मुख्य सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया; निफ्टी मिडकैप 0.18 प्रतिशत और स्मॉलकैप 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवार प्रदर्शन देखें तो मेटल, रियल्टी और ऑटो सूचकांकों में सबसे ज्यादा लिवाली देखने को मिली। वहीं, निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक में सुस्ती रही और ये सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले सूचकांक रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि नीतिगत दरें स्थिर रहने और महंगाई दर के घटते अनुमान ने बाजार के विश्वास को बनाए रखा, जिससे सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।

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