संकल्प फाउंडेशन का सम्मान समारोह: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नवचयनित सिविल सेवकों से की नशा मुक्त समाज और निस्वार्थ जनसेवा की अपील

भोपाल के नर्मदा क्लब में बुधवार को संकल्प फाउंडेशन की ओर से सिविल सेवा में चयनित अभ्यर्थियों और उनके मार्गदर्शकों के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने युवाओं को राष्ट्र विकास की मुख्य शक्ति बताते हुए संयमित और अनुशासित जीवन शैली पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के समर्थन में बोलते हुए परिवारों और समाज से नशे की बुराई को दूर करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने नवचयनित अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने के बाद पद का घमंड कतई नहीं होना चाहिए। अधिकारियों की वाणी में नम्रता, व्यवहार में धैर्य और कमजोर वर्गों के प्रति समानुभूति का भाव होना आवश्यक है। उन्होंने जीवन में निरंतर सुधार के लिए दैनिक आत्मचिंतन की प्रक्रिया को अपनाने पर विशेष बल दिया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने चयनित प्रतियोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में विश्वसनीयता, उत्कृष्टता और संवेदनशीलता को शामिल करना चाहिए। उन्होंने सफल प्रतिभागियों से अपने अनुभव भावी पीढ़ी के साथ साझा करने की अपील की।
हुज़ूर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि चयन होना व्यक्तिगत प्रयास की सफलता है, लेकिन पद संभालने के बाद प्राथमिकता देश का विकास होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल को जनसेवा के लिए आवश्यक बताया।
राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि सपने निरंतर संघर्ष और संकल्प से ही पूरे होते हैं। उन्होंने कहा कि समाज उसी का सम्मान करता है जो दूसरों को आगे बढ़ाने का काम करता है।
इसके अतिरिक्त, राज्य लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक पाण्डे ने संवैधानिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति निष्ठा जताने का संदेश दिया, जबकि संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री संतोष तनेजा ने भारत की प्रगति में मातृभाषा आधारित शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। आयोजकों ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया, जिसके बाद राज्यपाल ने सफल अभ्यर्थियों एवं उनके शिक्षकों को सम्मानित किया।



