ग्रामीण विकास को रफ्तार देने के लिए पंचायतें होंगी मजबूत, मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की उच्च स्तरीय बैठक

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य में सर्वांगीण ग्रामीण विकास और जनकल्याण योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए पंचायतों का सक्षम होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों और बड़ी पंचायतों में सड़कों व अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए त्वरित प्रबंधन नीति बनाई जाए। बैठक में विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल, राज्य मंत्री राधा सिंह और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण आबादी की आमदनी में सुधार लाया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने ‘मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना’ के माध्यम से व्यक्तिगत गौपालन और गो-समितियों को सक्रिय करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिला व जनपद पंचायत भवनों की उत्कृष्ट वास्तुकला की सराहना करते हुए उत्कृष्ट काम कर रहे महिला स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई (MSME) सेक्टर से जोड़ने का निर्देश दिया।

ग्रामीण अवसंरचना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि सड़कों के रखरखाव और पीएम ग्राम सड़क योजना के शत-प्रतिशत कार्यान्वयन में मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सड़कों की भौतिक स्थिति पर नजर रखने के लिए राज्य में ड्रोन से मैपिंग करने का नवाचार अपनाया जा रहा है। रोजगार के मोर्चे पर ‘वीबी जी राम जी योजना’ के तहत संचालित 1.24 लाख निर्माण कार्यों के जरिए 2.62 लाख मजदूरों को दैनिक काम मिल रहा है, जिसके एवज में 18.20 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।

बैठक में जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों की चर्चा की गई, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ संबोधन में सीधी के 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का उल्लेख करते हुए की थी। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में हिंदी भाषा में एसओआर जारी किया गया है, जिससे जनप्रतिनिधियों की कार्यकुशलता बढ़ी है।

डिजिटल सेवाओं के विस्तार के तहत प्रदेश के 10,554 पंचायत भवनों को ऑनलाइन सेवाओं से जोड़ा जा चुका है। इस व्यवस्था से अब तक 53,813 भवन निर्माण अनुमतियां दी गईं और करों के रूप में 3.81 करोड़ रुपये का राजस्व ऑनलाइन प्राप्त हुआ। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन जनपद की 76 ग्राम पंचायतों में ‘सोलर विलेज’ पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम तय कर लिए गए हैं।

आवास निर्माण की दिशा में आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि दिसंबर 2023 के बाद से ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के तहत स्वीकृत 16.20 लाख मकानों में से 8.19 लाख का निर्माण पूरा हो गया है, जिस पर 19,440 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत था। वहीं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए चलाई जा रही ‘पीएम जनमन योजना’ में मंजूर 1.89 लाख घरों में से 1.48 लाख आवासों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।

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