संसद में छात्र आंदोलनों पर चर्चा को तैयार सरकार, किरेन रिजिजू ने विपक्ष से शांतिपूर्ण सहयोग की अपील की

संसद के चालू मॉनसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच जारी गतिरोध के बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सरकार छात्र आंदोलनों और संबंधित गतिविधियों पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से मांग की कि वह चर्चा के दौरान सदन को बाधित न करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को शांतिपूर्वक सुनने का आश्वासन दे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि छात्रों से जुड़े विषयों पर किसी भी सवाल का जवाब देने से सरकार पीछे नहीं हट रही है। रिजिजू ने कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष से आग्रह किया कि एक बार चर्चा आरंभ होने के बाद इसे भटकाने का प्रयास न किया जाए। अयोध्या के राम मंदिर मामले से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार एसआईटी का गठन कर आवश्यक कार्रवाई कर चुकी है, इसलिए फिलहाल मुख्य ध्यान छात्रों के मुद्दों पर केंद्रित रखा जाना चाहिए।
सत्र के दौरान अन्य विधायी कार्यों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अपनी बात रखी। उन्होंने संकेत दिया कि चालू सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों के पेश होने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने परिसीमन को राजनीति से परे रखते हुए आम सहमति बनाने की सलाह दी। राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए अठावले ने याद दिलाया कि कांग्रेस शासन में भी पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की घटनाएं हुई थीं, इसलिए विपक्ष को केवल हंगामा करने के बजाय सदन में बहस करनी चाहिए।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी रवैये और राहुल गांधी की भूमिका की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका में काम करने की कोशिश न करें। विपक्ष पर चयनात्मक विरोध का आरोप लगाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी सोच या लेखों के लिए किसी से प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे सीधे युवाओं से जुड़े हुए हैं और हाल ही में उन्होंने आईआईटी दिल्ली के छात्रों से संवाद भी किया था।
झारखंड में जारी छात्र प्रदर्शनों के विषय में केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि छात्रों की कई मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, हालांकि सीबीआई जांच को लेकर उनका विरोध जारी है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रदर्शन करना उनका मौलिक अधिकार है। वहीं, भाजपा सांसद विष्णुदयाल राम ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड की झामुमो नीत सरकार में शामिल होने के बावजूद कांग्रेस छात्रों के आंदोलनों पर अलग रुख अपना रही है।
इसके अतिरिक्त, एफसीआरए विधेयक को लेकर संसद में हो रहे हंगामे पर भाजपा नेताओं ने चिंता जताई। सांसद दिनेश शर्मा ने कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक पर विधायी प्रक्रियाओं को बाधित करने का आरोप लगाया। सांसद सुजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी सांसद राइली मूर को पत्र लिखकर एफसीआरए कानून से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने के तथ्य साझा किए हैं। इसके अलावा, सांसद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए, जबकि सांसद दामोदर अग्रवाल ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री सभी राजनीतिक दलों के साथ तालमेल बनाकर अहम विधेयकों को पेश कराने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।



