लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, लगातार 17वें दिन बाधित रहा प्रश्नकाल

संसद के मॉनसून सत्र के चौथे सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को विपक्षी सांसदों के भारी शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज चार मिनट के भीतर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) सहित विभिन्न विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते पिछले तीन हफ्तों की तरह आज भी सदन की स्थिति अशांत रही। इसके परिणामस्वरूप लगातार 17वें कार्यदिवस पर भी निचले सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल की प्रक्रिया संपन्न नहीं हो सकी।
सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की बैठक प्रारंभ हुई, विपक्षी दल के सदस्य अपनी मांगों को लेकर हंगामा करने लगे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपील की कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सरकार छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने के लिए तैयार हो चुकी है, तो विपक्ष को कार्यवाही में बाधा उत्पन्न नहीं करनी चाहिए और चर्चा होने देनी चाहिए।
सदन की मर्यादा का हवाला देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा को चलाना सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है। देश की जनता भी यही चाहती है कि संसद चले और जनहित के सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हो। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सोमवार को आयोजित कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने का अनुरोध किया था।
प्रश्नकाल के महत्व को रेखांकित करते हुए अध्यक्ष ओम बिरला ने दोहराया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कई बार आग्रह किया है कि प्रश्नकाल संसदीय प्रणाली का अत्यंत आवश्यक हिस्सा है। इसके माध्यम से सरकार की जवाबदेही तय होती है और कार्यपालिका की कार्यशैली में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों की मुख्य मांग का संदर्भ देते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू पहले ही बीएसी की बैठक में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि गृह मंत्री छात्रों के विषय पर सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं।
सदन में सदस्यों द्वारा तख्तियां दिखाए जाने पर भी लोकसभा अध्यक्ष ने कड़ा एतराज जताया और इसे संसदीय परंपराओं तथा गरिमा के विपरीत बताया। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से पुनः शांत होने की अपील की और कहा कि सदन का इस प्रकार न चल पाना अत्यंत दुखद है। हालांकि, जब विपक्षी सांसदों का हंगामा शांत नहीं हुआ, तो अध्यक्ष ने 11 बजकर 4 मिनट पर ही बैठक को अपराह्न 2 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।



