राशन वितरण प्रणाली में बड़ा तकनीकी सुधार: चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT व्यवस्था लागू, PMGKAY लाभार्थियों को डिजिटल करेंसी में मिलेगी सब्सिडी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में सीबीडीसी आधारित डीबीटी व्यवस्था की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली खाद्य सब्सिडी सीधे उनके डिजिटल करेंसी वॉलेट में स्थानांतरित की जाएगी।

पारंपरिक बैंक खातों की जगह डिजिटल वॉलेट में राशि मिलने से लाभार्थियों को अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद्य वस्तुएं चुनने की व्यापक स्वतंत्रता मिलेगी। वे अधिकृत विक्रेताओं से गेहूं और चावल के अतिरिक्त दालें या अन्य अनिवार्य खाद्य वस्तुएं भी ले सकेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से प्रणाली को इस प्रकार तैयार किया गया है कि डिजिटल सब्सिडी का इस्तेमाल केवल अधिकृत खाद्य सामग्री की खरीद तक ही सीमित रहे, जिससे फंड डायवर्जन की गुंजाइश खत्म हो सके।

केंद्रीय मंत्री ने इस पहल को पीडीएस व्यवस्था में सुरक्षा और शुचिता सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि चंडीगढ़ का यह सफल प्रयोग आगामी समय में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का आधार बनेगा। इस उद्घाटन समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी भी मौजूद थे।

सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को कवर करने वाली यह योजना निर्धन परिवारों को सीधा आर्थिक संबल प्रदान करती है। खाद्यान्न पर होने वाले खर्च में कमी आने से परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन की अन्य प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं।

किसानों के कल्याण और खाद्यान्न सुरक्षा पर अपना दृष्टिकोण रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार नीतियों में कृषि समुदाय के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। भारत के पास पर्याप्त अन्न भंडार मौजूद है, जिससे देश अपनी घरेलू जरूरतों के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर वैश्विक स्तर पर भी आपूर्ति करने की स्थिति में है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संसद में विपक्ष के लगातार हंगामे को लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत बताते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हित में नीतिगत सुधारों की दिशा में सरकार लगातार आगे बढ़ती रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button