पूर्वी इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूकंप के बाद 51 की मौत, 5 हजार लोग बेघर; 28 अगस्त तक आपात स्थिति लागू

पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर शनिवार तड़के आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के कारण स्थानीय प्रशासन ने 15 से 28 अगस्त तक दो सप्ताह के आपातकाल का आदेश जारी किया है। मलबे से नए शव बरामद होने के बाद रविवार को इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है, वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग विस्थापित हुए हैं।
यूएसजीएस के अनुसार, सुबह 5:58 बजे आए इस भूकंप का केंद्र सतह से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। आरंभ में सुनामी अलर्ट जारी होने से नागरिकों में भारी दहशत फैल गई और लोग खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े, हालांकि स्थिति का आकलन करने के बाद यह चेतावनी वापस ले ली गई। इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, प्राथमिक झटके के बाद अब तक 235 से ज्यादा परवर्ती झटके महसूस किए गए हैं।
कैथोलिक बहुल फ्लोरेस द्वीप के छह उप-क्षेत्रों में बचाव दल भूस्खलन और गिरी हुई इमारतों के मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन दलों का प्राथमिक प्रयास उन दूरदराज इलाकों तक पहुंच बनाना है जो संपर्क विहीन हो गए थे, जिनमें सबसे ज्यादा प्रभावित मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ जिले शामिल हैं।
सिक्का स्थित बचाव केंद्र के प्रमुख फतहुर रहमान के अनुसार, मुख्य मार्गों पर गिरे मलबे को साफ करके अलग-थलग पड़े ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क पुनः स्थापित कर दिया गया है, लेकिन बिजली की अनुपलब्धता और नेटवर्क ठप होने से बचाव कार्य में बाधाएं आ रही हैं।
राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने विवरण देते हुए बताया कि 101 घायल नागरिकों का उपचार चल रहा है। 900 से ज्यादा आवासीय इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो चुकी हैं और 450 घरों को नुकसान पहुंचा है। भारी तबाही के चलते करीब 5,000 नागरिकों को अपने घर छोड़कर अस्थायी शिविरों में दिन गुजारने पड़ रहे हैं।


