हिंद-प्रशांत में शांति और रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर भारत और जापान का संयुक्त संकल्प

नई दिल्ली में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोईजुमी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा और रणनीतिक रिश्तों को और सशक्त बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में दोनों देशों की साझेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री ने जुलाई महीने में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के साथ हुए विचार-विमर्श को याद किया और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते तालमेल की सराहना की। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री कोईजुमी के साथ सुरक्षा साझेदारी को विस्तार देने पर सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और जापान की रणनीतिक साझेदारी पूरे क्षेत्र में स्थिरता और विकास को गति देने के लिए अनिवार्य है।
पीएमओ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत भारतीय कंपनियों और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स के साथ संयुक्त रक्षा विकास और उत्पादन के अवसरों पर विशेष जोर दिया। जापानी रक्षा मंत्री ने भी भारत के साथ रक्षा संबंधों को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रति अपनी सरकार के दृढ़ संकल्प को पुनः स्पष्ट किया।
इससे पहले, शिंजिरो कोईजुमी ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस बैठक को बेहद सफल बताते हुए कोईजुमी ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के एक नए अध्याय की नींव रखी है। उन्होंने इस संवाद को वास्तविक उपलब्धियों में तब्दील करने और दोनों देशों के मध्य आपसी विश्वास को नई ऊंचाई देने के लिए संपूर्ण प्रयास करने की बात कही।
बैठक के पश्चात सामने आए संयुक्त बयान में दोनों देशों ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर नियमित आकलन साझा करने की अहमियत रेखांकित की। दोनों देशों ने स्पष्ट संदेश दिया कि समुद्र और आकाश में निर्बाध आवागमन की स्वतंत्रता में व्यवधान डालने या शक्ति प्रयोग के जरिए स्थापित स्थिति को बदलने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जुलाई 2026 के संयुक्त संकल्पों के आधार पर एक मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत के निर्माण हेतु साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
द्विपक्षीय संबंधों को जमीनी रूप देने के उद्देश्य से दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग से जुड़े एक नए समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया। इस समझौते के माध्यम से जापानी नौसैनिक बल और भारतीय नौसेना के मध्य परिचालन समन्वय बढ़ेगा, समुद्री सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा तथा आपदा प्रबंधन, राहत कार्य और बचाव अभियानों में दोनों देश संयुक्त रूप से सहयोग करेंगे।



