वैश्विक दबाव के बीच भारतीय बाजार सीमित दायरे में बंद: सेंसेक्स 77,540 और निफ्टी 24,252 पर, स्मॉलकैप और मेटल शेयरों में खरीदारी

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को सीमित दायरे में कारोबार देखा गया और दोनों प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त दर्ज करते हुए बंद हुए। सेंसेक्स 3.11 अंक की बढ़त लेकर 77,540.83 के स्तर पर और निफ्टी 20.15 अंक (0.08 प्रतिशत) के सुधार के साथ 24,252.00 के स्तर पर टिका।
दैनिक स्तर पर हल्का सुधार दिखने के बावजूद दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सुस्ती, बॉन्ड यील्ड में दोबारा आया उछाल, महंगे होते कच्चे तेल और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते तनाव ने पूरे हफ्ते बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
सत्र के दौरान प्रमुख शेयरों में ट्रेंट, ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया और विमानन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन भारी बिकवाली के दबाव में रहे, जिससे ये निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में दर्ज हुए।
लार्जकैप के मुकाबले छोटे और मझोले शेयरों का रुख सकारात्मक रहा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने 0.69 प्रतिशत की छलांग लगाई, वहीं निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी 0.1 प्रतिशत की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा।
क्षेत्रीय मोर्चे पर प्रदर्शन बंटा हुआ रहा। आईटी, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर्स में सुस्ती व दबाव देखा गया। इसके विपरीत, प्राइवेट बैंक और मेटल सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते ये दोनों इंडेक्स सत्र के शीर्ष बढ़त वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।
वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में लगातार बनी तेजी बाजार के सेंटीमेंट पर भारी पड़ रही है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने की कोशिशों के बाद भी बाजार को दीर्घकालिक सहारा नहीं मिल पाया, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और संभावित महंगाई का जोखिम लगातार निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर रहा है।



