किर्गिस्तान में छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स का शुभारंभ: उद्घाटन समारोह में रूसी राष्ट्रपति पुतिन संग पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान सोमवार को बिश्केक एरिना में आयोजित ‘छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के भव्य उद्घाटन समारोह में शिरकत की। पारंपरिक खेलों, संस्कृति और घुमंतू सभ्यताओं की ऐतिहासिक विरासत को समर्पित यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन दुनिया भर के एथलीटों और प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करता है।

समारोह के दौरान एक उल्लेखनीय दृश्य तब देखने को मिला, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में सवार होकर उद्घाटन स्थल पर पहुंचे। स्थानीय समयानुसार सोमवार रात 9 बजे बिश्केक एरिना में इस रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उद्घाटन के बाद अब इस बहुपक्षीय खेल आयोजन के मुख्य मुकाबले चोलपोन-अता, किर्चिन और इस्सिक-कुल क्षेत्र के आसपास के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।

साल 2026 के इस छठे संस्करण में 110 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में 87 सदस्यीय दल प्रतिनिधित्व कर रहा है, जिसमें 73 खिलाड़ी, 10 सांस्कृतिक प्रतिनिधि तथा वैज्ञानिक कार्यक्रम से जुड़े 4 प्रतिभागी शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति किर्गिस्तान के साथ भारत के कूटनीतिक जुड़ाव और दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक व जन-स्तरीय संबंधों को रेखांकित करती है।

इस बार के खेलों में कुल 43 पारंपरिक खेल स्पर्धाओं को शामिल किया गया है। इनमें गोलेश, कुराश और मंगोल बोख जैसी पारंपरिक कुश्ती विधाओं के साथ-साथ कोक बोरू, केकपार, घुड़सवारी के विभिन्न इवेंट्स, तोगुज कारगूल, मंगला, ओवारे, चुको, ओर्डो, रस्साकशी और स्ट्रॉन्गमैन जैसी शारीरिक क्षमता से जुड़ी प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं।

खेलों के साथ-साथ घुमंतू जीवनशैली और ज्ञान-परंपरा पर आधारित समृद्ध सांस्कृतिक व वैज्ञानिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें ‘इको ऑफ नोमैड्स’, ‘हेरिटेज ऑफ नोमैड्स’, नोमैड फेस्ट, आर्ट लैब और एथनो-बाजार मुख्य आकर्षण हैं। इसके अलावा खानाबदोश विरासत और अंतर-सांस्कृतिक संवाद पर केंद्रित एक विशेष वैज्ञानिक सत्र भी संचालित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि वर्ल्ड नोमैड गेम्स की नींव वर्ष 2012 में रखी गई थी, जब किर्गिस्तान, अजरबैजान, कजाखस्तान और तुर्किये ने तुर्किक देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक ‘बिश्केक घोषणा’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसके पश्चात 2014, 2016 और 2018 में इस प्रतियोगिता के शुरुआती तीन संस्करण किर्गिस्तान में संपन्न हुए। इसके बाद चौथे संस्करण का आयोजन 2022 में तुर्किये और पांचवें संस्करण का आयोजन 2024 में कजाखस्तान में किया गया था। अब इस छठे संस्करण की मेजबानी पुनः किर्गिस्तान कर रहा है।

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