एससीओ बैठक: पुतिन बोले- पीएम मोदी के व्यक्तिगत सहयोग से सुदृढ़ हुए भारत-रूस रणनीतिक संबंध

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। पुतिन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत रुचि और दोनों नेताओं के बीच स्थापित आत्मीय संबंधों ने केंद्रीय भूमिका निभाई है।
शिखर सम्मेलन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए पुतिन ने कहा कि एससीओ मंच विकासशील देशों और पूर्वी क्षेत्र के राष्ट्रों के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए तत्पर है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह संगठन क्षेत्रीय स्तर पर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति को मजबूती देने के साथ-साथ एक न्यायसंगत एवं बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
राजनयिक प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के हालिया मॉस्को दौरे के सभी बिंदुओं पर अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2027 में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होंगे। साथ ही, उन्होंने नई दिल्ली में सितंबर में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के प्रति रूस की गंभीर तैयारी की पुष्टि की।
द्विपक्षीय व्यापार के रुझानों की समीक्षा करते हुए पुतिन ने बताया कि पिछले साल के संक्षिप्त संकुचन के बाद मौजूदा वर्ष की पहली छमाही में व्यापार में 2.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। उन्होंने एक हफ्ते पहले मॉस्को में आयोजित अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के सकारात्मक निष्कर्षों को भी रेखांकित किया।
शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार की सराहना करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों में भारत सबसे आगे रहने वाले देशों में शामिल है। पिछले एक दशक में भारतीय छात्रों की संख्या में सात गुना वृद्धि हुई है और वर्तमान में करीब 40,000 भारतीय छात्र रूसी संस्थानों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।



