ईरान से टकराव पूर्ण युद्ध नहीं बल्कि सीमित सैन्य संघर्ष: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी गतिरोध को औपचारिक युद्ध मानने से इनकार करते हुए इसे रुक-रुक कर होने वाला सैन्य टकराव करार दिया है। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा हालिया हमलों के बावजूद इस संघर्ष को युद्ध न कहे जाने पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह स्पष्टीकरण दिया। राष्ट्रपति ने दावा किया कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब अमेरिका का कड़ा नियंत्रण स्थापित हो चुका है और वाशिंगटन ने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से सफलतापूर्वक रोक दिया है।

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि कई लोग इसे युद्ध नहीं मानते और अमेरिका के नजरिए से यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं है। इस सैन्य कार्रवाई में 18 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार करते हुए भी उन्होंने तर्क दिया कि इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान में लड़े गए लंबे अमेरिकी युद्धों से कतई नहीं की जा सकती। पांच महीनों तक चले इस सैन्य अभियान का बचाव करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय दोनों देशों के बीच कोई सक्रिय युद्ध नहीं चल रहा है, बल्कि बीच-बीच में लक्षित हमले किए जाते हैं। उनका मुख्य जोर इस बात पर रहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह विफल कर दिया है।

राष्ट्रपति ने ईरान को सख्त लहजे में आगाह करते हुए कहा कि यदि ‘पिकएक्स’ नामक ठिकाने पर किसी भी प्रकार की हलचल देखी गई, तो वहां तत्काल नया हमला किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां ईरान के भीतर की प्रत्येक गतिविधि पर बारीक नजर बनाए हुए हैं और किसी भी प्रतिकूल कदम की स्थिति में पहले से ज्यादा जोरदार प्रहार किया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा स्थिति का ब्योरा देते हुए ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी रडार, लड़ाकू विमान और सुरक्षा में प्रयुक्त होने वाले अन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है। बारूदी सुरंग निरोधक पोतों (माइनस्वीपर्स) द्वारा मार्ग से सुरंगें हटा दिए जाने के बाद अब वहां से तेल वाहक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। इस सैन्य अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर नियंत्रण किया और वास्तव में ईरान पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया है। ट्रंप के अनुसार, हालिया अमेरिकी प्रहारों के बाद पिछले कई दिनों से कोई गोलीबारी नहीं हुई है और यदि सैन्य कार्रवाई तुरंत रोक भी दी जाए, तो भी ईरान को दोबारा संभलने में कम से कम 25 वर्ष लग जाएंगे।

क्षेत्रीय भू-राजनीति और चीन की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस मामले में हस्तक्षेप न करने का अनुरोध किया था, और चीन की इसमें बेहद सीमित भागीदारी है। उन्होंने आगे कहा कि यद्यपि चीन को होर्मुज से भारी मात्रा में तेल मिलता है, लेकिन अब पूरे मध्य पूर्व में बिछाई जा रही पाइपलाइनों और सीरिया के जमीनी रास्तों के कारण इस समुद्री मार्ग का पहले जैसा दबदबा नहीं रहा। राष्ट्रपति ने कहा कि वे इस मामले से बाहर निकलना चाहते हैं ताकि आने वाले राष्ट्रपति को इस समस्या से न जूझना पड़े, हालांकि उन्होंने सैन्य अभियान समाप्त करने की कोई अंतिम समय-सीमा साझा नहीं की।

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