बलराम कृषि महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव: अन्नदाता की उन्नति से ही राष्ट्र का उत्थान संभव

टीकमगढ़ में गुरुवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेखांकित किया कि देश की उन्नति का मार्ग सीधे तौर पर किसान की खुशहाली से जुड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों को जरूरी संसाधन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

बुंदेलखंड के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन-बेतवा इंटरलिंकिंग परियोजना को हरी झंडी मिलने से क्षेत्र को भरपूर सिंचाई जल मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य लक्ष्य फसल उत्पादन को नई ऊंचाई देना और किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय इजाफा करना है, जिससे इस अंचल का परिदृश्य पूरी तरह रूपांतरित होगा।

टीकमगढ़ की विशिष्ट पहचान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के पारंपरिक पीतल मूर्ति शिल्पकारों ने क्षेत्र को ख्याति दिलाई है, वहीं अब यहां के किसानों की उपलब्धियां पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन रही हैं। उन्होंने आयोजन में पहुंचे जनसामान्य, बहनों और प्रतिनिधियों को बेहतर आयोजन एवं आगामी पर्वों की बधाई दी।

संवाद सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक खेती और नवाचारों को अपनाने वाले किसानों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने अनंतपुरा के विष्णु शर्मा के पॉली हाउस, सब्जी उत्पादन और गोपालन के प्रयासों की प्रशंसा की। किसान बालचंद अहिरवार ने 250 अन्य कृषकों के सहयोग से की जा रही प्राकृतिक खेती का ब्योरा दिया, वहीं मनोहर लोधी व शशि लोधी ने भी अपने सकारात्मक अनुभव बताए।

कृषि विविधीकरण की मिसाल पेश करते हुए जगदीश अहिरवार ने बताया कि वे उद्यानिकी विभाग की मदद से 15 एकड़ में अमरूद, नींबू, तरबूज, स्ट्रॉबेरी और फूलों की खेती कर रहे हैं, जिससे करीब दो दर्जन स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है और 15 गायों के पालन से दूध का व्यवसाय भी चल रहा है। बीज उत्पादक रमेश यादव ने बताया कि 2005 से शुरू किए गए कार्य के बल पर वे अब तक 3 लाख क्विंटल बीज का उत्पादन करने में सफल रहे हैं।

समारोह में मधुमक्खी पालन से 5 केंद्र संचालित करने वाली सुनीता बुंदेला की मेहनत और आमदनी पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने सहज अंदाज में कहा कि रानी मक्खी के बारे में केवल सुना था, परंतु मधुमक्खी पालन के जरिए अपनी बहन को आर्थिक रूप से सशक्त और ‘महारानी’ बनते देखना अत्यंत सुखद है।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, प्रशासक महेंद्र यादव और कप्तान सिंह ने किसान हितैषी कदमों तथा बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इससे पहले, स्वागत संबोधन में सरोज राजपूत ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना और क्षेत्र में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट से किसानों सहित हर तबके के लिए विकास के नए द्वार खुले हैं।

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