मध्यप्रदेश में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई के ‘बी-आह’ समूह से मांगा सहयोग

संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित तीन दिवसीय ‘एआईएम कांग्रेस-2026’ के तीसरे दिन 8 सितंबर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह स्थित पर्यावरण समूह ‘बी-आह’ (BEEAH) के मुख्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के ग्रुप सीईओ एवं वाइस-चेयरमैन खालिद अल हुरैमल के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदेश में सतत विकास की संभावनाओं पर मंथन किया।

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच मध्यप्रदेश में आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों, चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी), स्मार्ट सिटी विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रभावी उपायों को लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित औद्योगिक अपशिष्ट, सीवेज ट्रीटमेंट, कचरा पुनर्चक्रण और अक्रिय सामग्री (इनर्ट मटेरियल) के निस्तारण केंद्रों का अवलोकन किया, जहां विशेषज्ञों ने उन्हें इस संयंत्र में उपयोग की जा रही विश्वस्तरीय आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बी-आह ग्रुप को मध्यप्रदेश के नगर निगमों में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में तकनीकी भागीदारी व पूंजी निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश टिकाऊ शहरी विकास और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर अग्रसर है। बी-आह की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल क्षमताओं का लाभ उठाकर राज्य में ईवी-आधारित सार्वजनिक परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को नई गति दी जा सकती है।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायो-सीएनजी के क्षेत्र में एक वैश्विक मानक स्थापित किया है। उन्होंने बी-आह को इंदौर के इस सफल मॉडल के साथ जुड़कर शून्य-अपशिष्ट लैंडफिल के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु संयुक्त प्रयास करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने खालिद अल हुरैमल को अगले वर्ष भोपाल में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027’ में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया और आग्रह किया कि समूह अपने आगामी विस्तार में मध्यप्रदेश को प्राथमिकता दे।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रख्यात वास्तुकार ज़ाहा हदीद द्वारा डिजाइन किए गए बी-आह के एआई-सक्षम और नेट-ज़ीरो-रेडी मुख्यालय की कार्यशैली की भी सराहना की। वर्ष 2007 में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत स्थापित यह समूह वर्तमान में 46 देशों के 13 हजार से अधिक कर्मचारियों के साथ यूएई, सऊदी अरब और मिस्र में कार्यरत है। शारजाह में 90 प्रतिशत से अधिक लैंडफिल-डायवर्जन दर और कमर्शियल वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र के सफल संचालन के जरिए यह संस्थान पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और सतत रियल एस्टेट में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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