मुख्य सचिव ने धार में की विभागीय कार्यों और जनशिकायतों की समीक्षा, लापरवाही पर वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने धार प्रवास के दौरान ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ के तहत ‘समाधान ऑनलाइन’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस समीक्षा बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का विस्तृत जायजा लिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर सीधे शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित करें और मामलों की सक्रिय समीक्षा करें। उन्होंने 100 दिन या उससे ज्यादा समय से अटकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी नियमित निगरानी और समय पर समाधान करने के निर्देश जारी किए।
समीक्षा के दौरान जुबे खां के पुलिस से संबंधित मामले में विलंब सामने आने पर मुख्य सचिव ने पुलिस अधीक्षक को जवाबदेह थाने के विरुद्ध तत्काल कदम उठाने को कहा। उन्होंने थानों की कार्यशैली की समीक्षा करने, चालान लंबित न रखने और सभी कार्यों के लिए तय समय-सीमा तय करने के आदेश दिए। वहीं, मकान जलने के मामले में सुरेश कुमावत को राहत राशि मिलने में हुई देरी को लेकर तत्कालीन नायब तहसीलदार और रीडर की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए गए।
पेयजल योजना से जुड़ी पप्पू मंडलोई की पाइपलाइन टूटने संबंधी शिकायत पिछले 107 दिनों से अनसुलझी थी। इस पर मुख्य सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नल-जल परियोजनाओं की सतत निगरानी रखने और साप्ताहिक बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत बसंती की हल हो चुकी शिकायत के संदर्भ में उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग को ऐसी सभी शेष शिकायतों को एक हफ्ते में निपटाने को कहा। दीप कुमार दांगी को स्वरोजगार सब्सिडी न मिलने और कशिश जाधव को मातृ वंदना योजना की किस्त न पहुंचने के मामलों पर भी संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के आदेश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने एंबुलेंस देरी से पहुंचने पर सख्त रुख अपनाया और कलेक्टर को सेवा प्रदाता की राशि में कटौती करने के निर्देश दिए। साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग को कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में दाखिल कराकर समुचित स्वास्थ्य लाभ दिलाने को कहा। बैठक के अंत में स्वामित्व योजना, भूखंड रजिस्ट्री और आगामी अभियानों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, इंदौर के संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।



