सिंधी समाज का गौरव और संस्कार प्रेरणादायी, इंदौर बनेगा सांस्कृतिक केंद्र: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल माध्यम से इंदौर में बनने वाले सिंधु कला केंद्र का भूमि पूजन संपन्न किया। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की संघर्षशीलता, कर्मठ स्वभाव और सौम्य व्यवहार हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की गंभीर विभीषिका झेलने वाले सिंधी समाज ने अपनी पैतृक भूमि और व्यवसाय भले ही खो दिए हों, लेकिन अपनी आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक जड़ें और आत्मविश्वास कभी नहीं छोड़ा। सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार समाज की इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इंदौर में तैयार होने वाला यह नया केंद्र सिंधी परंपरा, कला और जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच साबित होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप वीर राजा दाहिर, समाज सुधारक संत कंवरराम तथा शहीद हेमू कालानी के प्रेरक जीवन को स्कूल की किताबों में शामिल कर लिया है। उन्होंने निर्माण कार्य पूर्ण होने पर लोकार्पण के अवसर पर प्रत्यक्ष उपस्थित रहने का भरोसा भी दिलाया।
डॉ. यादव ने यह भी घोषणा की कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का इंदौर आगमन हो रहा है। वे देवी अहिल्याबाई होल्कर की पावन धरती से महीने भर चलने वाले ‘सेवा से संकल्प’ अभियान के साथ-साथ स्वामित्व योजना का शुभारंभ करेंगे।
इंदौर में आयोजित इस समारोह में क्षेत्रीय सांसद शंकर लालवानी, ईश्वर झामनानी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और सिंधी समुदाय के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

