सेमिकॉन इंडिया-2026: मध्यप्रदेश वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा अपना सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम
नई दिल्ली में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश, वैश्विक उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने अपने सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स परिदृश्य को प्रमुखता से पेश करेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कार्यरत मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) इस राष्ट्रीय आयोजन में स्टेट पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
सम्मेलन में राज्य का प्रतिनिधित्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन तथा एमपीएसईडीसी के प्रबंध संचालक आशीष वशिष्ठ करेंगे। इस दौरान वे अमेरिका, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और मलेशिया के साथ आयोजित राउंडटेबल बैठकों में हिस्सा लेंगे। साथ ही, यूरोप-इंडिया संवाद के अंतर्गत नीदरलैंड, स्वीडन, जर्मनी और इटली के प्रतिनिधियों से भी औपचारिक चर्चा की जाएगी।
इस अंतरराष्ट्रीय समागम में देश-विदेश के नीति-निर्माता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, सेमीकंडक्टर उद्योग, निवेशक और शैक्षणिक संस्थान एकत्र हो रहे हैं। मध्यप्रदेश इस मंच पर अपनी ‘सेमीकंडक्टर नीति-2025’ के तहत मिलने वाली रियायतों, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर विजन और कुशल कार्यबल को रेखांकित करेगा। राज्य सरकार वैश्विक कंपनियों को चिप डिजाइन केंद्र, उन्नत पैकेजिंग सुविधाएं, विनिर्माण इकाइयां और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित करेगी। इसके साथ ही सामग्री, उपकरण, नवाचार और तकनीकी सहयोग में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
प्रदर्शनी में राज्य की ओर से एक विशेष स्टेट पवेलियन तैयार किया गया है। इसमें पारस सेमीकंडक्टर, सिक्योर सर्किट्स, कास्टएनएक्स और एचएलबीएस जैसी औद्योगिक इकाइयां अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। वहीं शैक्षणिक एवं अनुसंधान पक्ष को मजबूती से रखने के लिए आईआईटी इंदौर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय तथा श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान पवेलियन का हिस्सा बनेंगे, जिससे सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत के तालमेल को प्रदर्शित किया जा सके।
कार्यक्रम के पहले दिन, 17 सितंबर को विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जापान, स्वीडन, दक्षिण कोरिया सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों के प्रतिनिधियों से विशेष राउंडटेबल वार्ता करेंगे। इस सत्र में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन, संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी साझेदारी पर विस्तार से बात होगी। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश खुद को एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करते हुए नए वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का प्रयास करेगा।


